140 बेड वाले 10 कोच नकहा जंगल स्टेशन पर आज भी सेवा के लिए तैयार
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कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए बनाए गए रक्षक रेलवे कोचों के आठ माह में ताले भी नहीं खुले। 140 बेड वाले 10 कोच नकहा जंगल स्टेशन पर आज भी मरीजों की सेवा के लिए तैयार हैं। यह आलम तब है, जबकि दो माह पहले तक कोरोना के मरीजों को अस्पतालों में भर्ती करने के लिए बेड तक नहीं मिल रहे थे।
शुरुआती दौर में कोरोना के बढ़ते मरीजों के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने रेलवे कोच को आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए थे। लॉकडाउन के बीच अप्रैल में रेलवे यांत्रिक कारखाना ने 10 कोच बनाकर तैयार किए। इनमें 140 बेड बनाए गए। कोच में मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए शौचालय और वॉश बेसिन भी लगाए गए।
गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की भी व्यवस्था की गई। आइसोलेशन कोच बनने के बाद इसे नकहा जंगल रेलवे स्टेशन पर खड़ा किया गया है। इसका अभी तक इस्तेमाल नहीं किया गया है। कोचों पर धूल जम चुकी है। कोचों को बनाने पर कितनी लागत आई इसका अनुमान रेलवे ने नहीं लगाया है।