रेलवे प्रशासन ने कोरोना मरीजों के लिए ललित नारायण मिश्र केंद्रीय रेलवे अस्पताल शुक्रवार को खोल दिया। पहले ही दिन कोविड वार्ड में सभी बेड भर गए। इसी बीच दवाओं व ऑक्सीजन की बेहतर व्यवस्था न होने के आरोप भी कर्मियों ने लगाए हैं। एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) और पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) ने बदइंतजामी पर विरोध जताया।
नरमू के महामंत्री केएल गुप्त ने बताया कि संक्रमित कर्मी, अधिकारी दवा और इलाज के लिए फोन कर रहे हैं। अनुबंधित निजी अस्पतालों में भी कर्मियों की भर्ती नहीं हो पा रही है। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया लेकिन उसपर भी कोई जवाब नहीं मिल पा रहा है।
हेल्प डेस्क भी बेकार साबित हो रहा है। इस सिलसिले में महाप्रबंधक से मिलकर ज्ञापन दिया जाएगा। अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो मामला रेलवे बोर्ड तक ले जाएंगे। पीआरकेएस के महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि गोरखपुर स्टेशन पर तैनात एक प्वाइंटमैन की शुक्रवार को मौत हो गई है।
इलाज के अभाव में कर्मचारी परेशान हैं। फ्रंटलाइन पर काम करने वाले लोको पायलट, गार्ड, टीटीई, प्वाइंटमैन, स्टेशन मास्टर, मैकेनिक तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। यही स्थिति रही तो ट्रेनों के पहिए थम जाएंगे।
पूर्वोत्तर रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे प्रशासन ने संक्रमित रेलकर्मियों एवं उनके परिजनों के इलाज के लिए कम समय में 25 बेड का लेवल टू कोविड अस्पताल शुरू किया है। रेलवे अस्पताल में सामान की त्वरित आपूर्ति के लिए तीन अधिकारियों की टीम बनी है। महाप्रबंधक स्तर से वर्तमान स्थिति की नियमित समीक्षा की जा रही है। सभी व्यवस्थाएं मुहैया कराए जाने के लिए रेलवे प्रशासन कटिबद्ध है।