देशभर में टिकट की जांच का अधिकार रखने वाले सेंट्रल टिकट चेकिंग दस्ता के गठन को लेकर रेलवे बोर्ड ने नई गाइडलाइन तय की है। इसके मुताबिक अब 4200 ग्रेड पे या इससे अधिक वेतनमान वाले टीटीई ही इसमें शामिल होंगे और उनकी प्रतिनियुक्ति होगी। प्रत्येक जोन से पांच टीटीई ही शामिल किए जाएंगे।
रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (पैसेंजर मार्केटिंग) विपुल सिंघल ने 19 मई को सभी जोन के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को इस संबंध में दिशा-निर्देश भेजा है। जिसमें सेंट्रल टिकट चेकिंग दस्ता के गठन को लेकर पात्रता तय की गई है।
डायरेक्टर के निर्देशों के मुताबिक जो टिकट चेकिंग स्टाफ कम से कम तीन साल तक 4200 ग्रेड पे में काम कर चुके होंगे, वही इस दस्ते में काम करने के लिए अर्ह माने जाएंगे। साथ ही उनपर किसी भी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई भी लंबित नहीं होनी चाहिए। इसके साथ शर्त यह भी है कि इस दस्ते में जाने वाले कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 57 वर्ष से अधिक नहीं होगी।
दस्ते की कुल संख्या 40 होगी, जिसमें एक क्षेत्रीय रेलवे से पांच से अधिक टिकट चेकिंग स्टाफ नहीं रहेगा। एक बार में दो ही लोग एक रेलवे से प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे। निर्देश आने के बाद रेल प्रशासन ने अपने स्टॉफ को भेजने के लिए कवायद शुरू कर दी है।
रेलवे अधिनियम की जानकारी जरूरी
दस्ते में जाने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ को रेलवे अधिनियम की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसमें काम करने वाले कर्मचारियों के अंदर जांच रिपोर्ट को ड्राफ्ट करने की क्षमता होनी चाहिए। एक बार जो टिकट चेकिंग स्टाफ इस केंद्रीय टिकट चेकिंग दस्ते का हिस्सा रह चुका होगा, वह तीन वर्ष पूरा करने के बाद ही दोबारा इसके लिए अर्ह माना जाएगा। दस्ता में शामिल होने पर वेतन वृद्धि नहीं होगी सिर्फ प्रतिनियुक्ति भत्ता मिलेगा।