यात्रियों को अब ट्रेन में गार्ड नहीं बल्कि ट्रेन मैनेजर मिलेंगे। रेलवे बोर्ड ने नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन (एनएफआईआर) की मांग पर ट्रेन गार्ड्स का नाम ट्रेन मैनेजर करने का निर्णय लिया है।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद राय ने बताया कि ब्रिटिश काल से ट्रेन गार्ड पदनाम चला आ रहा था। फेडरेशन की लगातार मांग की बदौलत अब यह बदलकर ट्रेन मैनेजर हो सका है। उनके अनुसार भारतीय रेल में कार्यरत गुड्स गार्ड, सीनियर गुड्स गार्ड, सीनियर पैसेंजर गार्ड और मेल एक्सप्रेस गार्ड अब गुड्स ट्रेन मैनेजर, सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर, सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर, और मेल एक्सप्रेस ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे।
बताया कि एनएफआईआर के द्विवार्षिक सम्मेलनों में इसकी मांग लगातार उठती रही है। एनएफआईआर के महामंत्री डॉ. राघवैया ने दिसंबर 2021 में रेलवे बोर्ड और फेडरेशन के बीच हुई पीएनएम बैठक मिनट्स में इस विषय को प्रमुखता से रखा, अंतत: सफलता मिली।
रेलवे बोर्ड के पे कमीशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एमके गुप्ता ने आदेश जारी किया है जिसमें स्पष्ट किया गया है कि भारतीय रेल में अब गार्ड ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे परंतु उनके वेतन में कोई भी बदलाव नहीं होगा।