बीआरडी मेडिकल कॉलेज में फिर रैगिंग का मामला सामने आया है। प्राथमिक जांच में 18 सीनियर छात्रों की रैगिंग में संलिप्तता सामने आई है। इसके बाद 2025 बैच के कुछ छात्रों की रैगिंग के आरोप में इन्हें एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। इसके अलावा 2025 बैच के ही पांच छात्रों पर भी कार्रवाई की तैयारी है। इन पर रैगिंग में सहयोग करने का आराेप है।
बुधवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में इस पर चर्चा के बाद कार्रवाई पर सहमति बनी। 18 में से 10 छात्र 2024 और अन्य 2023 और 2022 बैच के हैं। कमेटी ने दो रेजिडेंट छात्राओं को भी चेतावनी नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है।
छात्र ने की थी शिकायत:
आरोप है कि 12 से 14 मई की रात कॉलेज के राजेंद्र हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न किया गया। एक छात्र ने नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) और यूजीसी को मेल भेजकर शिकायत की थी।
आरोप लगाया कि सीनियर छात्र आए दिन हॉस्टल में पहुंचकर जूनियर छात्रों को घंटों खड़ा रखते हैं। अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं और डराते-धमकाते हैं। मेल में 18 छात्रों के नाम भी थे। एनएमसी ने कॉलेज प्रशासन को तत्काल जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंगलवार को नहीं हो सका था फैसला
एनएमसी के मेल के बाद 23 मई को कॉलेज प्रशासन सक्रिय हुआ। छात्रों से पूछताछ और उनके बयान के आधार पर एंटी रैगिंग कमेटी ने मंगलवार को भी बैठक की थी पर कोई निर्णय नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को एनएमसी का एक और कड़ा ई-मेल मिला। उसमें कार्रवाई कर सूचित करने के निर्देश थे।
इसके बाद प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल की अध्यक्षता में एंटी रैगिंग कमेटी की आपात बैठक हुई। बैठक में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ आरोपी छात्रों को भी तलब किया गया। कमेटी ने आरोपी छात्र-छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्णय के साथ ही उनके परिजन को बुलाकर चेतावनी देने का भी निर्देश दिया गया।