गोरखपुर। नगर निगम में फैमिली आईडी बनाने के कार्य में होने वाले विलंब को लेकर नगर निगम की ओर से कुछ कंप्यूटर ऑपरेटरों का टाइपिंग टेस्ट कराया जाएगा। इसमें आउटसोर्सिंग पर तैनात 52 कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल रहेंगे। कंप्यूटर विभाग की ओर से यह टेस्ट कराए जाएंगे, जिससे कंम्प्यूटर ऑपरेटरों की कार्य कुशलता की परख हो सके।
मिली जानकारी के अनुसार, नगर निगम को 50 हजार फैमिली आईडी बनाने का लक्ष्य दिया गया है। लेकिन फैमिली आईडी बनाने के कार्य में निरंतर विलंब देखने को मिल रहा है। इसकी समीक्षा भी की गई थी। कंप्यूटर प्रोग्रामर असीम तिवारी की ओर से नगर निगम में कार्यरत सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों का पुनः टाइपिंग टेस्ट लिया जाएगा।
अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने समस्त विभागाध्यक्षों एवं जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने अधीनस्थ कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को टाइपिंग टेस्ट में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दें। टाइपिंग टेस्ट की शुरुआत छह फरवरी से होगी। टेस्ट में प्राप्त परिणाम के आधार पर संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती पर पुनः विचार किया जाएगा। सितंबर 2025 में बिना नगर निगम बोर्ड की स्वीकृति के अस्थाई कंप्यूटर प्रोग्रामर आउटसोर्स के पद पर असीम तिवारी की नियुक्ति पर भी मेयर ने सवाल उठाए हैं।