कोरोना का संक्रमण शुरू होने के बाद छह माह में 105 संक्रमित प्रसूताओं का प्रसव कराया गया है। इनमें 26 महिलाओं का सामान्य व 79 का ऑपरेशन से प्रसव हुआ। छह महिलाओं ने जुड़वा व एक ने चार बच्चों को जन्म दिया है। इस दौरान कुल 114 नवजात पैदा हुए। 113 बच्चे संक्रमण से मुक्त रहे। यह पहला मामला है जिसमें नवजात भी संक्रमित है।
संक्रमित मां से अलग रखे जाते हैं नवजात
ऐसे नवजात जो कारोना संक्रमित नहीं है, उन्हें संक्रमित मां से अलग रखा जाता है। डॉक्टर व स्टाफ नर्स की टीम उनकी देखरेख करती हैं। नवजात को सिर्फ दूध पिलाने के लिए मां के पास लाया जाता है लेकिन पूरी सुरक्षा बरती जाती है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में ऐसा पहला मामला सामने आया है कि नवजात भी कोरोना संक्रमित मिला है। दोबारा रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर परिजन उन्हें लेकर घर चले गए हैं। 10 दिन बाद पुन: जांच के लिए बुलाया गया है।