पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से गोरखपुर को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे को बनाने में करीब 5877 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 91.352 किलोमीटर लंबे इस लिंक एक्सप्रेस-वे को अभी चार लेन का बनाया जा रहा है, लेकिन भविष्य में इसे छह लेन का बनाया जा सकता है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के कार्यालय परिसर में इस लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के क्रियान्वयन में जमीन बेचकर सहयोग प्रदान करने वाले किसानों को सम्मानित किया। इनमें चार जिलों से आए करीब 500 किसान शामिल रहे। वहीं मुख्यमंत्री ने मेक इन गोरखपुर पत्रिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कंपनियों के प्रतिनिधियों से किया अनुबंध का आदान-प्रदान
इस लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण उत्तरप्रदेश एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट अथारिटी (यूपीडा) करा रहा है। वहीं यूपीडा ने इसको बनाने का जिम्मा एप्को इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड को दिया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान एप्को इंफ्राटेक के एमडी अमित सिंह और दिलीप बिल्डकॉन के एमडी जयप्रकाश मिश्रा से अनुबंधपत्र का आदान-प्रदान किया।
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चार जिलों के आठ तहसीलों की जमीन इस लिंक एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगी
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे गोरखपुर जिले की सदर तहसील के छपिया गांव से शुरू होकर आजमगढ़ जिले की फूलपुर तहसील के मुतकलीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। इस परियोजना में कुल चार जिलों की आठ तहसीलों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है।
गोरखपुर, आजमगढ़, संतकबीरनगर और अंबेडकर नगर के 169 गांवों की करीब 1018.15 हेक्टेयर जमीन पर इस लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा ग्राम समाज की 8036 हेक्टेयर जमीन यूपीडा के नाम की जाएगी। इसमें सबसे ज्यादा 563 हेक्टेअर जमीन गोरखपुर जिले की है। गोरखपुर में सदर, सहजनवां और खजनी, संतकबीर नगर में धनघटा तहसील, अंबेडकरनगर में जलालपुर और आलापुर तहसील तथा आजमगढ़ में फूलपुर और बूढ़नपुर तहसील की जमीन का अधिग्रहण होगा।
लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए अब तक मिल चुकी है करीब 796 हेक्टेयर जमीन
पूर्वांचल एक्सप्रेस से गोरखपुर को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए अब तक करीब 796 हेक्टेयर जमीन मिल चुकी है। दरअसल लिंक एक्सप्रेस के लिए गोरखपुर, आजमगढ़, संत कबीरनगर और अंबेडकरनगर जिले में करीब 1018.15 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। इसमें से कुल निजी भूमि 991.2066 हेक्टेयर में से 795.84556 हेक्टेयर जमीन किसानों ने स्वेच्छा से यूपीडा को बेच दी है। यूपीडा के एसीईओ ओमप्रकाश पाठक ने बताया कि कुल 16590 किसानों ने आपसी सहमति से यूपीडा के पक्ष में जमीन विक्रय की है। बाकी बची रह गई जमीन का अधिग्रहण जल्द किया जाएगा।
दो फर्मों को मिला है लिंक-वे बनाने का जिम्मा
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे को बनाने का जिम्मा एप्को इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड को मिला है। उत्तरप्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के एसीईओ ओमप्रकाश पाठक ने बताया कि लिंक एक्सप्रेस का निर्माण कुशीनगर कालेसर फोरलेन के सहजनवां तहसील के सोनवा नाले के पास से शुरू होगा।
सहजनवां के जैतपुर, खजनी, हरनही, सिकरीगंज, बेलघाट, कम्हरियाघाट होते हुए लिंक एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में मिलेगा। गोरखपुर की सीमा में लिंक एक्सप्रेस-वे की लंबाई 47 किलोमीटर और आंबेडकर नगर में 42.5 किलोमीटर होगी। आंबेडकर नगर के शाहगंज में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और लिंक एक्सप्रेस-वे मिलेंगे। कार्यदायी संस्था एप्को कम्हरिया घाट तक और दिलीप बिल्डकॉन इसके आगे का निर्माण करेगी।
छह लेन तक बढ़ाया जा सकेगा लिंक एक्सप्रेसवे
करीब 91 किलोमीटर लंबा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का विस्तार छह लेन तक किया जा सकेगा। अभी यह चार लेन का बनाया जा रहा है। इसको बनाने में 5876.68 करोड़ की लागत आएगी। फिलहाल इसकी चौड़ाई 110 मीटर होगी।
सरयू नदी पर बनेगा छह लेन का पुल
इस लिंक एक्सप्रेस-वे को बनाने के दौरान गोरखपुर आंबेडकर नगर के बीच सरयू (घाघरा) नदी पर 1.4 किलोमीटर लंबा छह लेन का पुल बनाया जाएगा। यह पुल डिवाइडर के दोनों ओर 17.5 मीटर चौड़ा होगा।
यूपीडा के एसीईओ ओमप्रकाश पाठक ने बताया कि वैसे तो एग्रीमेंट के अनुसार ढाई साल में लिंक एक्सप्रेस वे बनकर तैयार होना है। लेकिन जनवरी 2022 तक यह बनकर तैयार हो जाएगा। बाउंड्री पिलर लगाने का काम शुरू हो चुका है। 15-20 दिन में निर्माण की शुरुआत हो जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निर्माण कार्य का शिलान्यास करेेंगे।
इन जिलों में इतनी है जमीन
गोरखपुर- 507.5576 हेक्टेयर
आजमगढ़- 225.5300 हेक्टेयर
अंबेडकरनगर- 237.4727 हेक्टेयर
संतकबीनगर- 20ङ6463 हेक्टेयर