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मुख्यमंत्री योगी ने बेबाकी से दिए सवालों का जवाब, बोले-जरूरत पड़ी तो दो संतान वाला कानून भी लाएंगे

Sun, 19 Jan 2020 12:35 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर

सार

  • कांग्रेस ईसाई विरोधी है, ये नागरिकता संशोधन कानून आने के बाद पता चला
  • चार-पांच महीने इंतजार करें, श्रीराम का भव्य मंदिर बनेगा
  • अमर उजाला गीडा दफ्तर पर फेसबुक लाइव में  

 
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सीएम योगी - फोटो : self
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पारिवारिक में संतुलन जरूरी है। यह संतुलन हर जगह दिखना चाहिए। संतुलन नहीं होगा तो परिवार के मुखिया के सामने उनके भरण-पोषण की बड़ी चुनौती होगी। पहले हम लोगों को अभियान चलाकर जागरूक करेंगे। आने वाले समय में किसी प्रकार के कानून बनाने की आवश्यकता पड़ी तो सरकार विचार करेगी।
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अमर उजाला हाइपर लोकल ‘डिजिटल संस्करण’ के लोकार्पण के मौके पर गीडा स्थित अमर उजाला कार्यालय में फेसबुक लाइव के दौरान व्यूवर के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री योगी ने कुछ यूं जवाब दिया। इस मौके पर अमर उजाला डॉट कॉम के संपादक जयदीप कार्णिक ने फेसबुक व्यूवर के सवालों के हवाले से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विस्तार में बातचीत की। 

मुख्यमंत्री ने हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया। इसका सजीव प्रसारण अमर उजाला टीवी और अमर उजाला के फेसबुक पेज पर हुआ। पेश है बातचीत के मुख्य अंश-  
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सवाल : मोदी सरकार ने डिजिटल इंडिया का नारा दिया था, यूपी में किस स्थिति में है?

सवाल : मोदी सरकार ने डिजिटल इंडिया का नारा दिया था, यूपी में किस स्थिति में है?
जवाब : मैं भी मानता हूं कि आने वाला समय पूरी तरह डिजिटल का ही है। यूपी में इसकी शुरूआत ई-आफिस से की है। आज लेखपाल से लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पास स्मार्ट फोन है। शासन स्तर पर सभी आफिस को ई-आफिस प्रणाली से जोड़ दिया गया है। अगला चरण ब्लॉक स्तर को जोड़ना है। सिंगल विंडो सिस्टम हमारे लिए काफी प्रभावी है। यूपी पहला प्रदेश है जहां डीबीटी के माध्यम से किसानों को सब्सिडी दी गई है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ सरकारों ने भी किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की लेकिन, तकनीकी का इस्तेमाल न कर पाने से उन सरकारों की सांसें फूल रही हैं।

सवाल : यूपी में डिजिटल पालिसी कब तक बनेगी?
जवाब : उत्तर प्रदेश पहला राज्य होगा जहां पालिसी लागू होगी। बहुत सारे राज्यों ने अभी घोषित नहीं किया है। यूपी में जल्द ही कैबिनेट में नई पालिसी आने वाली है। सरकार का भी एक वेब पोर्टल बनने जा रहे हैं, जिसके माध्यम से सरकार की योजनाओं को देख सकेंगे।

सवाल : कानून व्यवस्था बड़ी चुनौती है, पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने से क्या सुधार होगा, गोरखपुर व अन्य शहरों में कब तक लागू करेंगे ?
जवाब : पुलिस सुधार का काम आजादी के बाद सबसे बड़ा काम है। पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए पॉलीटिकल विल पावर की जरूरत है। हममें वह थी तो लागू कर दिया। यह वह उत्तर प्रदेश है जहां हर दूसरे दिन दंगा होता था, आज कोई दंगा के बारे में कह नहीं सकता है। अपहरण, फिरौती, गुंडा टैक्स अब कोई नहीं देता है। देश में यूपी रोल मॉडल बन रहा है। वैसे सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। लखनऊ और नोएडा में प्रयोग का रिस्पांस छह महीने बाद देखेेंगे। जनता से पूछेंगे क्या बदलाव हुआ और उसके बाद निर्णय लेंगे। वैसे, मैं बता दूं कि यूपी पहला राज्य है जहां शहीद जवान के परिवार को मिलने वाले सरकारी सहयोग राशि का शेयर दोगुना कर दिया गया है। परिवार के एक सदस्य को नौकरी देंगे और सुविधाएं भी कई गुना बढ़ाई है। अगर ड्यूटी के दौरान घायल सिपाही कोमा में चला जाता है तो उसके परिवार को वेतन के बराबर असाधारण पेंशन देंगे।

सवाल : पुलिस भर्तियां लंबित हैं, कब तक शुरू होंगी?

जवाब : 85 हजार भर्तियां कर चुके हैं। 50 हजार भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। यही नहीं 20 फीसदी आरक्षण महिला पुलिस के लिए किया गया है। मेरा मानना है कि जितनी अच्छी ट्रेनिंग होगी उतना ही अच्छा कार्य होगा। कहावत भी है कि ट्रेनिंग में जितना पसीना बहेगा, कार्यक्षेत्र में उतना ही कम खून बहेगा। मेरा फोकस अच्छी ट्रेनिंग देना है।

बीएसएफ, सीआईएसएफ, आर्मी के अलावा दूसरे प्रदेश से प्रशिक्षक बुलाकर ट्रेनिंग दिला रहे हैं। छह हजार करोड़ रुपये गृह मंत्रालय से पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए उपलब्ध कराया। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि प्रदेश के सात जिलों में पुलिस लाइंस ही नहीं था। जिसकी व्यवस्था हमारी सरकार ने की है। पुलिस के बैरक में सुधार किए हैं।    

सवाल : योगी संत और राजनेता दोनों हैं, संतुलन कैसे बनाते हैं?
जवाब : दोनों का कार्यक्षेत्र एक ही है।  डॉ. लोहिया ने एक बात कही थी, धर्म एक अल्पकालिक राजनीति है, राजनीति दीर्घकालिक धर्म है। राजनीति मूल्यों, सिद्धांतों और आदर्श पर आधारित होनी चाहिए। धर्म के साथ राजनीति का लेपन जरूरी है।

सवाल : प्रदेश में रोजगार को लेकर युवाओं के बहुत सवाल हैं, क्या कहेंगे ?
जवाब : 20 लाख से अधिक नौजवानों को प्लेसमेंट दिया गया  है। 2.5 लाख करोड़ का निवेश कराया है। फरवरी में 25 से 30 हजार करोड़ का निवेश होने की संभावना है। वन डिस्ट्रिक वन प्रॉडक्ट  की नीति को केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़ा है। यूपी देश का पहला राज्य है जहां 28 फीसदी एक्सपोर्ट बढ़ाने में सफल रहा है। देश में यह आंकड़ा आठ फीसदी है। यूपी में एक्सपोर्ट की संभावनाएं दिख रही है। मुरादाबाद में वहां के प्रोडक्ट को अपनी योजना से जोड़ा छह हजार करोड़ का एक्सपोर्ट, भदोही में चार हजार करोड़ का एक्सपोर्ट हुआ। दो लाख टन आम का एक्सपोर्ट किया है।

सवाल : अयोध्या में श्रीराम मंदिर ट्रस्ट का गठन कब तक होगा?

जवाब : माननीय न्यायालय के निर्देश पर केंद्र सरकार को ट्रस्ट का गठन करना है। उसी अनुरूप प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। कोई संदेह नहीं होना चाहिए। लोगों ने पांच सौ वर्ष इंतजार किया है, चार-पांच महीने और इंतजार करें श्रीराम का भव्य मंदिर बनेगा।

सवाल  : दो संतान की नीति लेकर सरकार आ रही है क्या?
जवाब : पारिवारिक संतुलन जरूरी है। यह संतुलन हर जगह दिखना चाहिए। संतुलन नहीं होगा तो परिवार के मुखिया के सामने भरण-पोषण की बड़ी चुनौती होगी। पहले हम लोगों को अभियान चलाकर जागरूक करेंगे। आने वाले समय में किसी प्रकार का कानून बनाने की आवश्यकता पड़ी तो सरकार विचार करेगी।

सवाल : नागरिक संशोधन कानून को लेकर देश भर में विरोध हुआ, कानपुर और मेरठ में भी विरोध देखने को मिला, क्या लोग इससे सहमत नहीं हैं?
जवाब : जनता यह जानती थी कि कांग्रेस, हिंदू, सिख, परसी, जैन विरोधी हो सकती है, लेकिन सीएए पर कांग्रेस की ईसाई विरोधी मानसिकता भी सामने आ गई है। यह कानून 1953 में बना। एक संशोधन है जिसमें दूसरे देश में रहने वाले लोगों के लिए 11 साल से घटाकर 5 साल की अवधि की गई। पाकिस्तान, अफगानिस्तान में उत्पीड़न के शिकार लोग भारत की नागरिकता ले सकते हैं। इसमें कोई गलत नहीं है। हमें शरणार्थी और घुसपैठ के फर्क को समझना होगा। दुनिया में जहां भी अत्याचार हुआ वहां के लोगों ने भारत की ओर देखा। यह कानून किसी जाति, धर्म, मजहब के खिलाफ नहीं है। वोट बैंक की राजनीति बनाकर तुष्टीकरण नीति अपनाई गई। उसका रूप आतंकवाद, नक्सलवाद के रूप में दिखा। कांग्रेस डॉ आंबेडकर के नाम पर वोट तो पाती रही, लेकिन उनके आदर्शों का विरोध करती रही। ऐसे ही रामजन्म भूमि को लेकर 2018 में कांग्रेस के कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में अप्लीकेशन दी कि सुनवाई डे टू डे न हो। 2019 के बाद हो। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और दूध का दूध, पानी का पानी हो गया। इसी तरह तीन तलाक के मुद्दे पर कांग्रेस के पास अवसर था, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा सकी।

सवाल : गोरखपुर-बड़हलगंल फोरलेन चलने लायक नहीं है, कब तक यह सड़क ठीक होगी?
जवाब : 2016 में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसका शिलान्यास किया था। जो कंपनी काम कर रही थी वह ठीक से काम नहीं कर रही है। अंतिम मौका दिया गया है। हमने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र लिखा है। सरकार दबाव बना रही है, निश्चिंत रहें कार्य तेज होगा।
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सवाल : सरकारी स्कूलों की स्थिति कब सुधरेगी?

जवाब : शायद प्रश्न पूछने वाला सरकारी स्कूल में कभी नहीं गया। इस कार्यक्रम के पहले एक सरकारी स्कूल में स्मार्ट क्लास का शुभारंभ करके आ रहा हूं। वहां पाठ्यक्रम  भी डिजिटल हो गया है। जब हमारी सरकार आई तब स्थितियां क्या थी, आज की तुलना उस वक्त होनी चाहिए। दो वर्ष पहले ऑपरेशन कायाकल्प की शुरूआत की। जनप्रतिनिधियों, उद्योगपतियों और अधिकारियों से एक-एक स्कूल गोद लेने को कहा गया।

92 हजार स्कूलों की बाउंड्री बनी, पेयजल, स्मार्ट क्लास आदि शुरू हो गया। अब सरकार सरकारी स्कूलों में एनसीआरटी पाठ्यक्रम को लागू करने जा रही है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी के रूप में विकसित किया जाएगा। यकीन मानें, स्कूलों में शिक्षक और छात्र का बेहतर अनुपात दिखेगा। 69 हजार शिक्षक भर्ती लंबित थी, कोर्ट ने निर्णय दे दिया है। जल्द ही शिक्षक की कमी पूरी हो जाएगी। शिक्षा ही नहीं स्वास्थ्य में बड़ा काम हुआ है। सात नए मेडिकल कॉलेज बन गए हैं और 13 का शिलान्यास हो चुका है। 1947 से 2016 तक सिर्फ 11 सरकारी मेडिकल कॉलेज प्रदेश में थे। दो फरवरी से हर रविवार को सभी पीएचसी पर आरोग्य मेला लगेगा।

सवाल : प्रदूषण बड़ी समस्या है, इसे लेकर सरकार का क्या कदम है?
जवाब : सिर्फ सरकार के भरोसे ही नहीं रहा जा सकता है। समाज को भी जागरूक होना पड़ेगा। सरकार ने गांवों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया है कि पराली न जलाएं। हम बायो फ्यूल यूनिट लगा रहे हैं। धुरियापार (गोरखपुर), सीतापुर सहित तीन यूनिट लग रही है। किसान अपनी पराली लाकर वहां दें उसे दाम भी मिलेगा, साथ ही जमीन की उर्वरता भी बनी रहेगी। हर जिले में यह यूनिट खुलेगी। क्रूड ऑयल के आयात में विदेश मुद्रा की बचत होगी। किसान सम्मान निधि योजना से भी इसे जोड़ा जाएगा।
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