गोरखपुर जनपद में अब तक 20 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद क्रय केंद्र के माध्यम से हो चुकी है। जो पिछले साल की तुलना में दोगुना से अधिक है। पिछले साल 15 अप्रैल तक मात्र नौ हजार क्विंटल ही गेहूं खरीदा जा सका था। हालांकि अभी तक सभी क्रय केंद्रों से गेहूं की खरीद नही हो पाई है। लेकिन, जिन क्रय केंद्रों पर गेहूं जा रहा है वहां खरीद हो रही है।
किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए जनपद में 137 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जा रही है। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन केंद्रों पर किसान गेहूं लेकर जा रहे हैं, उनका गेहूं खरीदा जा रहा है। अभी बाजार में गेहूं का मूल्य 1900 रुपये क्विंटल के करीब है। इस नाते बहुत से किसान क्रय केंद्रों की अपेक्षा बाजार में ही बेच दे रहे हैं।
यदि गेहूं का रेट सरकारी मूल्य के करीब पहुंचा तो खरीद प्रभावित हो सकती है। क्योंकि किसान तब प्राइवेट दुकानदारों को ही बेच सकता है। फिलहाल अभी क्रय केंद्रों पर गेहूं पर्याप्त मात्रा में आ रहा है। जैसे-जैसे गेहूं किसान के घर पहुंच रहा है, वैसे-वैसे क्रय केंद्र पर गेहूं पहुंचना शुरू हो गया है।
आरएमओ सचिन कुमार ने कहा कि हर क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद की व्यवस्था की गई है। हर क्रय केंद्र पर बोरा और पर्याप्त धन उपलब्ध है। गेहूं की खरीद तेजी से की जा रही है। जिसका गेहूं खरीदा जा रहा है, कोशिश हो रही है कि 72 घंटे के अंदर उसका मूल्य भुगतान कर दिया जाए।