देवरिया जिले में आईजीआरएस पोर्टल और डीएम कार्यालय से भेजी गई जन शिकायतों के निस्तारण में अधिकारियों की मनमानी चरम पर है। संबंधित विभाग के अधिकारी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे कुल 1379 शिकायतें लंबित हैं। इसमें 283 की समय सीमा भी बीत गई है।
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ऐसे में फरियादी न्याय के लिए जहां भटक रहे हैं। इसकी पुष्टि लंबित शिकायतों की शासन को भेजी गई रिपोर्ट से हुई है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को दो दिन में शिकायतों के निस्तारण का निर्देश दिया है।
शासन व प्रशासन जनता की शिकायतों के निस्तारण के लिए गंभीर है। शासन स्तर से शिकायतों के लिए आईजीआरएस पोर्टल है, इस पर जनता ऑनलाइन शिकायत करती है। इसके अलावा पीएम, सीएम, डीएम संदर्भ तथा तहसील दिवस पर शिकायतें आती हैं।
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जिसके निस्तारण के लिए डीएम कार्यालय से संबंधित विभाग को भेजा जाता है, लेकिन जनता की शिकायतों के शीघ्र निस्तारण की शासन की मंशा को अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। अधिकारियों की मनमानी के चलते कुल 1096 शिकायतें लंबित हैं, जबकि 283 शिकायतों के निस्तारण की समयसीमा समाप्त हो चुकी है।
मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पर जनता की शिकायतों को भी अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और इनके निस्तारण में लापरवाही बरत रहे हैं। इसमें डीपीआरओ के 30, एसपी के 101, बीएसए के 20, युवा कल्याण अधिकारी के 40, बिजली एक्सईएन के 51, पीएचसी, सीएचसी सहित सीएमओ के 117, बीडीओ गौरीबाजार के 56, तहसीलदार देवरिया के 85, भाटपाररानी के 54, बरहज के 28, रुद्रपुर के 44, सलेमपुर के 32, पूर्ति निरीक्षक सहित डीएसओ के 36, कोतवाली देवरिया के 35, एसओ रुद्रपुर के 13, बरहज के 10, रामपुर कारखाना के 15, सीओ सिटी के 14 तथा सीओ भाटपाररानी कार्यालय से संबंधित 13 सहित अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका है।
डीएम कार्यालय से विभागों को भेजी गईं शिकायतें
पीएम, सीएम, डीएम संदर्भ तथा तहसील दिवस से संबंधित विभागों को भेजी गई शिकायतें भी लंबित हैं। इसमें डीपीआरओ के दस, पीडीडीआरडीए के 12, एसडीएम सदर के 31, बरहज के 15, भाटपाररानी के 12, रुद्रपुर के 13, सलेमपुर के 21, तहसीलदार देवरिया के 40, बरहज के 13, भाटपाररानी के 14, देवरिया कोतवाली के 14 सहित अन्य विभागों से संबंधित जन शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका है।
डीएम अमित किशोर ने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर मिली शिकायतों को संबंधित विभागों को निस्तारण के लिए भेजा गया, लेकिन लापरवाही बरती जा रही है। लंबित शिकायतों की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। दो दिन के अंदर शिकायतों के निस्तारण का निर्देश दिया गया है। शीघ्र निस्तारण न करने वाले अधिकारियों का वेतन बाधित किया जाएगा।