पादरी बाजार (गोरखपुर)। गोड़धोइया नाला निर्माण से प्रभावित जमीन मालिकों ने मुआवजा न मिलने पर रविवार को काम रोककर प्रदर्शन किया। इस दौरान तीन घंटे तक काम ठप रहा। गीता वाटिका स्थित शाहपुर के 18 काश्तकारों का आरोप लगाया कि दो साल से लेखपाल गोड़धोइया नाला निर्माण के मुआवजे के लिए दौड़ा रहे हैं। तहसील से लेकर मानवाधिकार आयोग तक प्रार्थना पत्र भी दे चुके हैं। इसके बाद भी मुआवजा नहीं दिया गया।
पीड़ित काश्तकार राम जगत ने बताया कि उनका जमीन गोड़धोइया पुल स्थित मजार के सामने लगभग छह हजार वर्ग फीट में है। दो साल से मुआवजे के लिए तहसील से लेकर जल निगम तक भागदौड़ लगा रहे हैं। राकेश कुमार ने आरोप लगाया कि लेखपाल मुआवजा दिलवाने के लिए धनराशि मांग रहे हैं। रविवार 12 बजे करीब पीड़ितों के जमीन पर जैसे ही जेसीबी मशीन से सफाई शुरू हुई। इसी दौरान पीड़ित काश्तकार मानवाधिकार संवैधानिक सुरक्षा संघ के जिलाध्यक्ष सत्यम निगम श्रीवास्तव के साथ पहुंच गए और हंगामा करते हुए काम रोक दिया। जानकारी मिलते ही जल निगम के जेई, सदर तहसील के नायब तहसीलदार और हल्का लेखपाल पहुंचकर लोगों को दो दिन बाद मुआवजा देने की बात कर शांत कराया। फिर काम शुरू हुआ। इस दौरान काश्तकार राम जगत राकेश, राजकुमार, रामनरेश, दीनानाथ, अमित निषाद सुरेश, पुष्पा देवी, मुन्नी देवी सदानंद, बसंत और राम नगीना आदि मौजूद रहे।