गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा निवासी प्राॅपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या के मामले की जांच कर रही पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। जांच में पता चला है कि नामजद आरोपी दीपक गौड़ और मुख्य आरोपी राज चौहान के बीच पिछले छह महीनों में करीब 35 बार फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस अब आरोपी दीपक के बारे में और जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त मुर्गा काटने वाले चाकू को भी हत्यारोपियों की निशानदेही पर बरामद कर लिया है।
एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार के अनुसार, राज चौहान छह माह पहले तक दीपक गौड़ का डंपर चलाता था। दोनों के बीच पुराने संबंध रहे हैं। बाद में वह किसी और का डंपर चलाने लगा। वारदात की रात भी राज डंपर चलाने गया था। देर रात जब उसकी मां निर्मला देवी ने उसके मोबाइल पर काॅल कर पूछा तो उसने डंपर मिट्टी में फंसने का हवाला देते हुए अगले दिन आने की बात कहते हुए फोन काट दिया था। आरोप है कि मंगलवार सुबह राज अपने दोस्त विपिन यादव के साथ मिलकर राजकुमार की हत्या कर मौके से भाग निकला था।
पुलिस के अनुसार, राज मछलीपालन का व्यवसाय शुरू करने की तैयारी में था और इसी सिलसिले में दीपक से उसका संपर्क फिर से बढ़ा। कॉल डिटेल से यह स्पष्ट हुआ है कि बीते छह महीनों में दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही। पुलिस अब इस सुराग से हत्या के कनेक्शन को खंगाल रही है। पुलिस ने हत्यारोपी राज की निशानदेही पर उसके घर से हत्या में प्रयुक्त मुर्गा काटने वाला चाकू भी बरामद कर लिया है। इसे जांच के लिए फाॅरेंसिक लैब भेजा गया है।
सबूत मिटाने के लिए जला दिए थे खून से सने कपड़े
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की भी साजिश रची थी। जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात के बाद राज और उसके साथी विपिन यादव ने खून से सने अपने कपड़ों को एक परिचित के माध्यम से जलवा दिया ताकि पुलिस को कोई ठोस सबूत न मिल सके। इस मामले में पुलिस ने कपड़े जलाने में मदद करने वाले एक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी।
आरोपियों ने गांव के ही सचिन यादव को दिया था तमंचा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्यारोपियों ने पहले तमंचे से फायर किया था, लेकिन राजकुमार बचकर भागने लगे थे। इसके बाद दोनों आरोपियों ने उन्हें 100 मीटर तक पीछा कर दबोच लिया। इसके बाद चाकू से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वहां से भाग निकले थे। वारदात के बाद उन्होंने तमंचा गांव के ही सचिन यादव को दे दिया था। अब पुलिस टीम सचिन की तलाश में दबिश दे रही है।
बोले एसपी
इस संबंध में एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस की आठ टीमें हर पहलू पर जांच कर रही हैं। हत्या में शामिल दो अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही इस मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।