करीब डेढ़ साल से अधिक समय तक जिला में जेल में बंद रहे माफिया व पूर्व सांसद अतीक अहमद की संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निशाने पर है। इस जांच की आंच जनपद तक पहुंच सकती है क्योंकि माफिया ने जेल में बंद रहने के दौरान जनपद के कुछ लोगों से अच्छे संबंध हो गए थे।
प्रयागराज से जब उनके परिजना आते थे तो होटल की जगह एक मोहल्ले में निवास करते थे। चर्चा थी कि अतीक का भोजन हर शाम वहीं से तैयार कर भेजा जाता था। जेल से लखनऊ के कारोबारी के अपहरण मारपीट की घटना का नामजद एक व्यक्ति शहर में डेरा जमा कर रहता था। इन बातों से जांच एजेंसियों को शक है कि जिले में उसकी बेनामी संपत्ति हो सकती है।
अप्रैल 2017 में नैनी जेल से अतीक अहमद को जिला जेल में शिफ्ट गया था। जेल में रहते हुए लखनऊ के एक बिल्डर का अपहरण पिटाई के मामले में 2019 में अतीक को बरेली जेल भेज दिया गया था। इस मामले में अतीक और उसके एक दर्जन गुर्गों प्रयाग राज के धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज है।
आरोप है कि अरशद ने अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर व्यापारी मोहम्म जैद को अगवा किया। उसे मारपीटकर रुपये और सोने की चेन आदि छीन ली और फिर पीटते हुए देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद के पास ले गए। जेल में अतीक ने भी उसकी पिटाई की जिसमें उसे चोटें आई। इस घटना की जांच सीबीआई कर रही है।