गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राजवंत राव और अध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी को भारतीय संग्रहालय का न्यासी सदस्य (बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज) नामित किया गया है। यह केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधीन है।
भारत सरकार की ओर से नामित इन सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। भारतीय संग्रहालय, कोलकाता प्राचीन इतिहास व पुरातत्व का प्रतिष्ठित संस्थान है। यह एशिया का सबसे पुराना संग्रहालय है। इसकी स्थापना एशियाटिक सोसाइटी ऑफ इंडिया के नाम से सन 1914 में हुई थी। प्रो. राजवंत राव देवरिया जिले के रुद्रपुर क्षेत्र के नगवां नरायनपुर गांव के रहने वाले हैं। वह 1989 से विश्वविद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान वे विभिन्न प्रशासनिक पदों पर रहे हैं।
प्रो. प्रज्ञा भी दो दशक से अधिक समय से डीडीयू में हैं। प्रो. प्रज्ञा के पति प्रो. डीके द्विवेदी एमएमएमयूटी में भौतिकी के प्रोफेसर हैं।कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने दोनों आचार्यों को बधाई देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत सम्मान की बात है। यह प्रतिनिधित्व समूचे गोरखपुर के लिए भी गौरवान्वित करने वाला है।