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विश्व के टॉप वैज्ञानिकों में शामिल हुए गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, मिला चुका है जर्मनी का प्रतिष्ठित पुरस्कार

Tue, 10 Nov 2020 07:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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प्रो एनबी सिंह, पूर्व विभागाध्यक्ष रसायन शास्त्र गोविवि। - फोटो : अमर उजाला।
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नैनो मैटेरियल के क्षेत्र में शोध कर रहे दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रसायनशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एनबी सिंह का नाम विश्व के टॉप वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है। अमेरिका के स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय की ओर से प्रकाशित टॉप वैज्ञानिकों की सूची में उनका नाम है। प्रो. सिंह वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के शारदा विश्वविद्यालय से जुड़े हैं और कई शोध कार्यों को अंजाम देने में लगे हैं।

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स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय ने शोध के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विश्व के दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची जारी की है। प्रो. एनबी सिंह ने परास्नातक के बाद शोध की उपाधि गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. आरपी रस्तोगी के निर्देशन में हासिल की।

 1967 में उन्होंने विश्वविद्यालय में ही असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में शिक्षण कार्य शुरू कर दिया। बाद में वे विभागाध्यक्ष भी बने। 2006 में विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हुए। प्रो. सिंह बतौर पोस्ट डॉक्टोरल फेलो दो वर्ष तक बेल्जियम के ब्रुसेल्स विश्वविद्यालय से जुड़े रहे।
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जर्मनी के प्रतिष्ठित पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित

1977 में प्रो एनबी सिंह को जर्मनी के प्रतिष्ठित एलेक्जेंडर वान हम्बोल्ट फेलोशिप से नवाजा गया। उनके 290 से ज्यादा शोध पत्र राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने 10 पुस्तकों को लेखन और इतनी ही पुस्तकों का प्रकाशन भी किया है। प्रो. सिंह के निर्देशन में 40 शोधार्थी अपना शोध कार्य पूरा कर चुके हैं।

कार्बन नैनो ट्यूब, सीमेंट पर कर रहे शोध
प्रो. एनबी सिंह ने बताया कि कार्बन नैनो ट्यूब बनाने में जुटे हैं। यह ट्यूब मकान की दीवारों में दरार पड़ने पर ब्रिज की तरह कार्य करेगा। सीमेंट की गुणवत्ता बढ़ाने पर शोध कर रहे हैं। वह जीओ पॉलिमर सीमेंट बना रहे हैं, जो मकान को ज्यादा मजबूती देगा।

इसके लिए हरियाणा की एक सीमेंट कंपनी और जर्मनी के कैसल विश्वविद्यालय से करार किया है। प्रो. सिंह के मुताबिक नैनो टाइटेनियम डाई आक्साइड बनाने की दिशा में भी काम चल रहा है। पेंट में इसके इस्तेमाल से दीवारों पर गंदगी नहीं जमने पाएगी।
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