गोरखपुर के प्लांट में ग्रीन हाइड्रोजन 2 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा से विद्युत अपघटन द्वारा उत्पादित किया जाएगा। प्राकृतिक गैस के साथ ग्रीन हाइड्रोजन का अपमिश्रण आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने तथा स्वच्छ सतत ऊर्जा भविष्य की ओर अग्रसर करने में सहायक होगा। जिनल मेहता के अनुसार ग्रीन हाइड्रोजन सौर, पवन या जल विद्युत जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा उत्पादित हाइड्रोजन है।
इसे प्राकृतिक गैस के साथ मिलाने से कार्बन फुटप्रिंट कम होता है, पहले से स्थापित प्राकृतिक गैस संरचना का उपयोग होता है और हाइड्रोजन की शुरुआती मांग बढ़ाने में मदद मिलती है। उल्लेखनीय है कि ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने एक विशिष्ट नीति भी बनाई है। इस नीति के अंतर्गत वर्ष 2028 तक 1 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन लक्षित किया गया है।