- बीआरडी से निजी अस्पतालों तक मरीज पहुंचाने वाली 18 एंबुलेंसों की जांच शुरू
- पुलिस खंगाल रही संचालकों का नेटवर्क, आरटीओ से मांगी गई वाहनों की पूरी जानकारी
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाने के आरोप में सीज की गई 18 एंबुलेंसों की पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस जांच में एंबुलेंसों के स्वामित्व, पंजीकरण, फिटनेस, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। इसके लिए आरटीओ कार्यालय से भी वाहनों से संबंधित रिकॉर्ड मांगे गए हैं। दस्तावेजों के सत्यापन और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन एंबुलेंसों का संचालन कौन कर रहा था, ये किन निजी अस्पतालों से जुड़ी थीं और इनके जरिये मरीजों को किस नेटवर्क के तहत भेजा जाता था। एसपी सिटी निमिष पाटील के नेतृत्व में शनिवार रात चिलुआताल क्षेत्र के फत्तेपुर और मेडिकल कॉलेज परिसर के आसपास स्थित संभावित ठिकानों पर छापा मारा गया था। इस दौरान पुलिस ने कई अहम बिंदुओं पर जानकारी जुटाई लेकिन एंबुलेंस संचालकों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
अब पुलिस चालकों से पूछताछ, दस्तावेजों की जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है। जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि नेहरू अस्पताल से किन परिस्थितियों में मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजा जाता था और इस प्रक्रिया में अस्पताल से जुड़े किसी व्यक्ति या बाहरी गिरोह की भूमिका तो नहीं थी।