स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 10 निजी अस्पतालों को कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज की सशर्त अनुमति दे दी है। अब इन अस्पतालों में इलाज करा रहा कोई मरीज अगर कोरोना संक्रमित पाया जाता है, तो उसका अस्पताल में ही इलाज किया जा सकेगा।
उसे रेफर नहीं करना होगा। इन अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज आइसोलेशन वार्ड में किया जाएगा। ये अस्पताल बाहर से आए कोरोना मरीजों को भर्ती नहीं करेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इन अस्पतालों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पूर्व में शहर के 10 निजी अस्पतालों को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना मरीजों के इलाज की अनुमति मिली थी। बाद में निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन अस्पतालों में साधारण मरीजों और कोरोना के मरीजों के आने-जाने का एक ही रास्ता है।
इस वजह से विभाग ने इन अस्पतालों में कोरोना मरीजों के भर्ती करने पर रोक लगा दी। अब विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अगर इलाज के दौरान इन अस्पतालों में कोई कोरोना मरीज मिलता है, तो वहां बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में ही उनका इलाज किया जाएगा। मरीजों को रेफर नहीं किया जाएगा।
शहर के 10 निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर वहां इलाज के दौरान कोई संक्रमित मरीज मिलता है, तो उसका इलाज वही किया जाए। मरीजों को कहीं और रेफर न किया जाए। साथ ही इन अस्पतालों में बाहर से आने वाले कोरोना मरीजों के भर्ती पर रोक लगाई गई है।
-डॉ. एनके पांडेय, नोडल प्रभारी
इलाज के लिए खर्च करने होंगे रुपये
इन निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज निशुल्क नहीं होगा। सामान्य मरीजों को आठ हजार और गंभीर मरीजों को प्रतिदिन 13 हजार रुपये शुल्क देने होंगे।