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Gorakhpur News: चकाचौंध की दुनिया में खोकर पृथ्वी शॉ ने बर्बाद किया अपना कॅरिअर

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क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल और पृथ्वी शॉ के कोच रहे ज्वाला सिंह से विशेष बातचीत
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मुंबई के एक टेंट में 13 साल पहले मिले मेहनती और जुनूनी यशस्वी जायसवाल की जमकर की तारीफ







गोरखपुर। पृथ्वी शॉ मेरी एकेडमी से निकलकर भारतीय टीम में पहुंचने वाला पहला बल्लेबाज था। उसे दूसरा सचिन भी कहा जाने लगा, लेकिन जैसे ही उसने चकाचौंध भरी दुनिया देखी, वह उसी में खो गया और उसने अपने कॅरिअर को बर्बाद कर लिया।



क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल और पृथ्वी शॉ के कोच रहे ज्वाला सिंह ने ये बातें मुंबई क्रिकेट क्लब की ओर से आयोजित हाई परफॉर्मेंस क्रिकेट कैंप के दौरान अमर उजाला से खास बातचीत में कहीं। उन्होंने मेहनती और जुनूनी यशस्वी की जमकर तारीफ की। बताया कि भदोही का रहने वाला यशस्वी 2013 में उन्हें मुंबई में एक टेंट में मिला। यशस्वी का बैकग्राउंड वैसा ही था, जैसा शुरुआती दिनों में उनका, ऐसे में वह उसमें खुद को देखने लगे।
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ज्वाला सिंह ने बताया कि वह यशस्वी को अपने घर लेकर गए और उन्हें अपने बेटे के तरह रखा। साथ ही क्रिकेेट का प्रशिक्षण देना शुरू किया। वह बहुत ही मेहनती था, जिसका इनाम उसे मिला। वह न सिर्फ भारतीय टीम में खेल रहा, बल्कि टेस्ट के श्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल है।



उन्होंने बताया कि उनकी एकेडमी में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो जल्द ही इंडिया के लिए खेल सकते हैं। इसमें दिव्यांशु सक्सेना मुंबई से रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं। वह इंडिया अंडर-19 वर्ल्ड कप भी खेल चुके हैं। अमन मोकाडे ने विजय हजारे में सबसे तेज एक हजार रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया है। इसके साथ ही युवराज सामरा हैं, जो मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं लेकिन कनाडा के लिए खेलते हैं। अयाज खान, जॉर्ज सोलेल और हमजा शेख भी इंग्लैंड की अंडर-19 टीम में खेल रहे हैं।
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गोरखपुर में भी मिले अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण



गोरखपुर के मझगांवा के रहने वाले क्रिकेट कोच ज्वाला सिंह ने कहा कि गोरखपुर में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन इसे तराशने के लिए यहां संसाधन नहीं हैं। संसाधन की अभाव में ही उन्हें भी अपना घर छोड़ना पड़ा था और तमाम दिक्कतों के बीच मुंबई में शरण लेनी पड़ी थी। गोरखपुर यूपी का बड़ा शहर है। ऐसे में यहां एक ऐसी क्रिकेट एकेडमी की स्थापना होनी चाहिए जिसमें प्रतिभाओं को तराशने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के संसाधन उपलब्ध हों।
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