जन भवन में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के साथ कुलपति प्रो पूनम टंडन व विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य।
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध एडेड व राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य बुधवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में जन भवन (राजभवन) पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के समक्ष अपना विजन रखा। कुलाधिपति ने गुणवत्तापूर्ण व रोजगारपरक शिक्षा पर जोर दिया।
डीडीयू से संबद्ध 21 एडेड और 11 राजकीय कॉलेजों के प्राचार्यों ने कुल 18 बिंदुओं पर पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुति दी। इस दौरान अपने-अपने संस्थान की उपलब्धियों, नवाचारों व भविष्य की कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। छात्र-शिक्षक रेशियो, शिक्षकों की कमी आदि के बारे में बताया।
इस अवसर पर कुलाधिपति आनंदीबेन ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के लिए महाविद्यालयों को राष्ट्रीय एवं संस्थागत मूल्यांकन प्रक्रियाओं में सक्रिय एवं सार्थक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, कौशल एवं रोजगार क्षमता को विकसित करने का माध्यम बननी चाहिए। उन्होंने सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सजग रहते हुए सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने की अपेक्षा व्यक्त की। और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का नियमित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने की भी अपेक्षा व्यक्त की।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि कुलाधिपति के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों को गुणवत्ता, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में नई दिशा प्राप्त हुई है। हम सभी उनके नेतृत्व में उच्च शिक्षा के मानकों को और अधिक ऊंचाई तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।