अंशकालिक प्रशिक्षकों की भर्ती के लिए ट्रायल का कार्यक्रम तैयार हो गया है। ट्रायल के मानक तय हैं। 25 से 35 वर्ष और 36 से 50 वर्ष की उम्र के मानक अलग-अलग होंगे। पचास वर्ष आयु के ऊपर वालों के ट्रायल नहीं होंगे। उन्हें फिटनेस प्रमाण पत्र देना होगा। विभिन्न स्तर के खिलाड़ियों के अंक निर्धारित हैं। इसके अलावा फिटनेस और स्किल टेस्ट के भी नंबर जुड़ेंगे। तीन माह से ज्यादा की गर्भवतियों को फिटनेस ट्रायल से छूट मिलेगी।
क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी एके पांडेय ने बताया कि अंशकालिक कोच की नियुक्ति प्रक्रिया में शासन स्तर से बदलाव किया गया है। अब इनकी नियुक्ति जेम पोर्टल के माध्यम से होगी। सत्र 2020-21 से नई व्यवस्था लागू होगी। खेल विभाग का आदेश मिला है। इसके बारे में प्रशिक्षकों को जानकारी दी जा रही है।
भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे अंशकालिक कोच: संघ
डिप्लोमा धारक खेल प्रशिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जीतेंद्र सिंह ने बताया कि शासन के फैसले से अंशकालिक कोच भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। कोई 20 तो कोई 25 वर्षों से प्रशिक्षण दे रहा है। उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें बाहर अगर निकाल दिया जाएगा तो रोजी रोटी के लाले पड़ जाएंगे।
सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी को कोच बनाना चाहती है। कोच बनने के लिए एनआईएस का डिप्लोमा करना अनिवार्य होता है। खुद ही सरकार इस मानक को दरकिनार कर रही है। एलएलबी करने वाला छात्र ही अधिवक्ता, बीएड करने वाला छात्र शिक्षक और एमबीबीएस करने वाले ही डॉक्टर बन सकते हैं। वैसे ही एनआईएस करने वाले ही कोच बनते हैं।