फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: राष्ट्रपति करेंगे आयुष विश्वविद्यालय का शिलान्यास, सीएम योगी ने अधिकारियों से साझा की जानकारी

Mon, 05 Jul 2021 10:24 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, सीएम ने कहा कि सितंबर तक हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए।
विज्ञापन
सीएम योगी अदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी विकास कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके होने चाहिए। गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन की धीमी प्रगति पर सीएम ने नाराजगी जताई और सितंबर तक हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि आयुष विश्वविद्यालय का शिलान्यास राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे। इसके लिए उनकी सहमति मिल गई है।  

विज्ञापन


दो दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार शाम गोरखनाथ मंदिर में प्रशासनिक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया सड़क के चौड़ीकरण का काम सितंबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। असुरन मेडिकल कालेज फोरलेन का काम एक महीने में पूरा हो जाएगा।

सीएम ने कहा कि गोरखपुर जिले का काम अगस्त तक हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए। नौसड़-पैडलेगंज सिक्स लेन की प्रगति की समीक्षा के दौरान उन्होंने बारिश से पहले जरूरी कार्य पूरा कर लेने का निर्देश दिया। वहीं, गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के निर्माण में 11 सौ श्रमिकों को लगाए जाने की जानकारी दिए जाने पर इनकी संख्या में बढ़ोतरी करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन

 
 सीएम ने कहा कि परियोजनाओं के तहत जिन लोगों को मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें 10 दिनों में मुआवजा दिया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर सप्ताह विकास कार्यों के प्रगति की समीक्षा करें। सोमवार को लोकार्पण के लिए चिह्नित परियोजनाओं के बारे में भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ली। उन्होंने नगर निगम में शामिल किए गए 32 गांवों के बारे में पूछा और आश्वासन दिया कि वहां की विकास परियोजनाओं को जल्द मंजूरी मिल जाएगी।

 मुख्यमंत्री ने मानबेला के किसानों को बढ़ा मुआवजा देने की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने वाटर बाडी की सफाई के बारे में भी जानकारी ली। उपाध्यक्ष आशीष कुमार ने इसके लिए फर्म चयनित कर लेने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों के प्रति जीरो टालरेंस की नीति अपनाई जाए। यदि कोई भ्रष्टाचार में लिप्त है तो उसकी जगह उससे नीचे के अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाए।

कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बताया कि मंडल में इंसेफ्लाइटिस के 127 मामले हैं। उन्होंने मेडिकल कालेज से हटाए गए लोगों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। बैठक में मंडलायुक्त रवि कुमार एनजी, जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी दिनेश कुमार पी, नगर आयुक्त अविनाश सिंह, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आशीष कुमार, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ पवन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
 

विज्ञापन

जल्द से जल्द 80 फीसदी लोगों को टीका लगाया जाए

मुख्यमंत्री ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि इस समय 44 सक्रिय मामले हैं। मुख्यमंत्री को बताया गया कि करीब एक तिहाई आबादी को एक डोज टीका लगाया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द से जल्द 80 फीसदी लोगों को टीका लगा दिया जाए। टीके की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। आने वाले समय में कोरोना से निपटने के लिए तैयारी करने की जरूरत है। उन्होंने सभी सीएचसी एवं पीएचसी को तैयार करने का निर्देश दिया।

हेलीकॉप्टर से सीएम ने देखा गोरखनाथ रोड पर जलभराव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर आगमन के दौरान हेलीकॉप्टर से गोरखनाथ रोड समेत शहर के कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति देखी। समस्या को देखकर सीएम ने नगर आयुक्त से जवाब तलब किया और तत्काल राहत देने का निर्देश दिया। नगर निगम की टीम ने जलभराव से निजात के लिए युद्ध स्तर पर काम करना शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से एमपी पॉलीटेक्निक स्थित हेलीपैड पर उतरने वाले थे। तभी उन्होंने आसमान से कई स्थानों पर जलभराव देखा। बाद में नगर आयुक्त अविनाश सिंह सीएम के सामने आए तो उन्होंने जलभराव की वजह पूछी। नगर आयुक्त की अगुवाई में नगर निगम की टीम ने तीन स्थानों पर जलभराव देखा। गोरखनाथ रोड पर आदित्य नर्सिंग होम, जश्न मैरिज हॉल और राजेंद्र नगर में जलभराव था।

मुख्य सफाई इंस्पेक्टर अखिलेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने नालों को साफ कराया। करीब दो घंटे की सफाई के बाद समस्या से थोड़ी राहत मिली। निगम के जिम्मेदारों का कहना है कि गोरखनाथ से बरगदवां फोरलेन निर्माण के चलते अगल-बगल के मोहल्लों में जलभराव का संकट है। सड़क ऊंची हो गई है। इसके साथ ही पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा का कहना है कि जलभराव के संबंध में पहले ही मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई थी। रविवार को खुद हकीकत देख लिये।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें