मोहर्रम को लेकर तैयारियों का दौर शुरू हो चुका है। इमाम चौकों पर एक दो दिन में रंग-रोगन का काम शुरू हो जाएगा। वहीं शहर की व्यवस्था भी दुरुस्त रहे, इसके लिए जिम्मेदार अभी से अलर्ट हो गए हैं। सोमवार को इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद की अगुवाई में सदस्य जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां पर डीएम की गैरमौजूदगी में उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को 20 मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि मोहर्रम शुरू होने से पहले निरीक्षण कर व्यवस्था को दुरुस्त करा लें, जिससे कि त्योहार में कोई खलल न आने पाए।
गोरखपुर इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी ने मोहर्रम का जुलूस सकुशल संपन्न कराने की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। इमामबाड़ा इस्टेट के सज्जादानशीन अदनान फर्रुख अली शाह मियां साहब के निर्देश पर एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। जिला अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद के नेतृत्व में उन्होंने 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसके जरिए उन्होंने बताया कि चांद का दीदार के अनुसार सात या आठ जुलाई से मोहर्रम शुरू हो सकता है। मोहर्रम का मुख्य आयोजन स्थल इमामबाड़ा इस्टेट है। इसके साथ ही महानगर के विभिन्न इमाम चौक से विभिन्न तिथियों में जुलूस निकाले जाते हैं। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि सभी जुलूस मार्गों का निरीक्षण समय से पूर्व कर लिया जाए, जिससे कि जो भी समस्या हो उसे हल कराया जा सके।
इमामबाड़ा इस्टेट के पूरब व पश्चिम फाटक को पूरी तरह अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिला प्रशासन व नगर निगम प्रशासन, मियां साहब के साथ एक बैठक समय से पूर्व कर ले, ताकि मियां साहब के जुलूस व अन्य जुलूस में अगर कोई समस्या हो तो इसे समय से पूर्व हल करा दिया जाए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या बिजली के लटकते हुए तार हैं, जो काफी नीचे लटक रहे हैं, इन्हें अगर ऊंचा नहीं किया गया तो बड़ी घटना हो सकती है। उसे भी ठीक करा दिया जाए।
इस अवसर पर महासचिव हाजी सोहराब खान, हिंदू मुस्लिम एकता कमेटी के अध्यक्ष शाकिर अली सलमानी, सैयद वसीम इकबाल, एजाज रिजवी एडवोकेट, इमरान दानिश, कबीर अलीके साथ बड़ी तादाद में लोग उपस्थित थे।