जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि दिशा-निर्देश के मुताबिक कलस्टर की आवश्यकता को पूरा करने के लिए ब्लॉक में उपलब्ध टीकाकरण कर्मचारियों (वैक्सीनेटर्स) के अलावा अतिरिक्त वैक्सीनेटर आउटसोर्सिंग के आधार पर लिए जाएंगे। जुलाई माह के लिए प्रस्तावित इस टीकाकरण रणनीति को स्केल अप करने के लिए जून माह में ही चार कलस्टर्स में पायलट करने की योजना है।
गठित होगी सीआरटी
कलस्टर स्तर पर टीकाकरण के दौरान अगर कोई प्रतिकूल घटना होती है तो उससे निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) बनेंगी। इन टीम के समूह को कलस्टर रिस्पांस टीम (सीआरटी) कहा जाएगा। इन टीम में चिकित्सक और पैरामेडिकल होंगे। इनके पास हर प्रकार की दवाएं रहेंगी, जिससे टीकाकरण के अपवादस्वरूप होने वाले प्रतिकूल प्रभाव पर नियंत्रण किया जा सके। आवश्यकता होने पर 108 नंबर एंबुलेंस सेवा की सुविधा लेकर लाभार्थी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाने का भी इंतजाम रहेगा।