फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: ओमिक्रोन से जंग की तैयारी तेज, शेल्टर होमों पर रहेगी खास नजर

Thu, 16 Dec 2021 08:55 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

आठ शेल्टर होमों में रहते हैं बच्चे, किशोर व युवा, पांच कोविड अस्पतालों में होगा माकड्रिल।
विज्ञापन
ओमिक्रोन। (फाइल) - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन से जंग की तैयारियां स्वास्थ्य विभाग ने तेज कर दी है। शेल्टर होमों पर विशेष नजर है, यहां 18 साल तक के बच्चे व किशोर रहते हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन व एयरपोर्ट पर कोविड जांच बूथ सक्रिय कर दिए गए हैं।

विज्ञापन


एयरपोर्ट से यात्रियों की प्रतिदिन सूची मंगाई जा रही है। साथ ही कोविड अस्पतालों व ऑक्सीजन प्लांटों की सक्रियता की जांच की जा रही है, इसकी तैयारी परखने के लिए 17 व 18 दिसंबर को माकड्रिल भी आयोजित किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, जिले में आठ शेल्टर होम हैं। इनमें से दो शिशु गृह में 10 वर्ष तक के बच्चे तथा बालिका गृह में 10 से 18 वर्ष तक के किशोर व युवा रहते हैं। इन बच्चों की देखभाल के लिए तैनात की गईं आया व कर्मचारियों का टीकाकरण करा दिया गया है। यदि किसी बच्चे, किशोर या युवा की तबीयत खराब होती है तो उसे क्वारंटाइन कर इलाज किया जाएगा। इसके लिए डाक्टर की तैनाती की जाएगी। उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की जाएगी।

शेल्टर होम का नाम                   स्वीकृत क्षमता   रहने वालों की संख्या

राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर                50             138

विज्ञापन

राजकीय महिला शरणालय                  75              55
प्रतीक्षा बालिका गृह, 10-18 वर्ष           25              30
स्नेहालय खुला आश्रय गृह, 10-18 वर्ष    25             18
बाल गृह शिशु, एक दिन-10 वर्ष           50             47
प्रोविडेंस होम, एक दिन-10 वर्ष            25             26
प्रोविडेंस होम, बालिका गृह                  50             15
आसरा विशेष स्कूल, 10-18 वर्ष          25             23

 

विज्ञापन

इन अस्पतालों में होगा माकड्रिल

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरीचौरा, हरनही, कैंपियरगंज, टीबी अस्पताल व होम्योपैथिक कालेज बड़हलगंज।

सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि शेल्टर होमों में रह रहे बच्चों, किशोरों व युवाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है। आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि वे समय-समय पर जाकर जांच करते रहें। किसी की तबीयत खराब होने पर उसे अलग कक्ष में क्वारंटाइन कर इलाज किया जाए। कोविड जांच के अलावा नियमित उसकी स्वास्थ्य जांच की जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें