दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग से सेवानिवृत्त आचार्य प्रो बदरे आलम अंसारी ने बताया सारस अपना घोंसला घनी वनस्पतियों से भरे उथले तालाबों के पास बनाते हैं। सारस के चूजे तेजी से बड़े होते हैं। उनका पालन-पोषण दलदल में उपलब्ध प्रोटीनयुक्त आहार (कीड़े, मोलस्क, मछली आदि) से पूरा होता है इसलिए यह आर्द्रभूमि के समीप रहना पसंद करते हैं।
डीएफओ विकास यादव ने कहा कि राजकीय पक्षी सारस की संख्या बढ़ी है। इनके बचाव के लिए अभियान के तौर पर काम शुरू हुआ है। लोगों को सारस के संरक्षण के लिए जागरूक किया गया।