- महिलाएं मांग रहीं जन्माष्टमी की डिलीवरी डेट
गोरखपुर। बच्चों के जन्म की तारीख को लेकर अभिभावकों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कई दंपती चाहते हैं कि उनके बच्चे का जन्म जन्माष्टमी पर हो। जिला महिला अस्पताल में इन दिनों प्रसव की संभावित तारीख को लेकर कुछ महिलाएं अपनी पसंद की तारीख की मांग कर रही हैं। प्रसूताओं का मानना है कि भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के दिन बच्चे का जन्म होना शुभ और सौभाग्य की बात होगी।
जिला महिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. अनिल झा ने बताया कि महिलाओं की तरफ से अपनी पसंद की तारीख की मांग तो होती है लेकिन डिलीवरी का दिन मुख्य रूप से मां और बच्चे की मेडिकल कंडीशन को देखते हुए तय किया जाता है। केवल किसी शुभ दिन के लिए डिलीवरी की तारीख को आगे या पीछे करना उचित नहीं है। सामान्य स्थिति में भी डिलीवरी की संभावित तारीख केवल अनुमान होती है। मां की स्थिति के आधार पर डॉक्टर जरूरी निर्णय लेते हैं। खासकर सीजेरियन डिलीवरी में भी तारीख तय करते समय मेडिकल जरूरत को प्राथमिकता दी जाती है।
मेडिकल कंडीशन सही न होने पर नहीं मिल पा रही तारीख
सीजेरियन डिलीवरी कराने वाली कई महिलाओं ने पहले ही डॉक्टरों से बात करके डिलीवरी की डेट आगे बढ़वाने को कहा था पर बच्चे को लेकर मेडिकल कंडीशन सही नहीं होने के कारण उनको मनचाही डेट नहीं मिल पा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि मां और बच्चे की सेहत ही पहली प्राथमिकता है। शुभ मुहूर्त के लिए डिलीवरी की तारीख को आगे-पीछे नहीं किया जा सकता।
बोलीं प्रसूता
घर में सभी लोग जन्माष्टमी को लेकर बहुत उत्साहित हैं। मेरी प्रसव की तारीख भी आसपास है। बच्चे की स्थिति सही रहती है। मैं चाहूंगी कि चार सितंबर को ही डिलीवरी हो।
- नीलम शुक्ला
डिलीवरी डेट जन्माष्टमी के आसपास है। मन में यही इच्छा है कि चार सितंबर को ही बच्चे का जन्म हो क्योंकि जन्माष्टमी का शुभ दिन भी रहेगा।
-पूजा