गोरखपुर। बिजली निगम की लचर व्यवस्था का दुष्परिणाम शनिवार को राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र से जुड़े करीब 12 हजार परिवारों को भुगतना पड़ा। क्षमता वृद्धि के लिए सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक बिजली कटौती घोषित की गई थी लेकिन निर्धारित समय के बाद भी करीब तीन घंटे तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई। रात करीब 7:45 बजे वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली आपूर्ति शुरू की गई।
बिजनेस प्लान 2026-27 के तहत राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसके लिए उपकेंद्र पर लगे आठ एमवीए के पावर ट्रांसफाॅर्मर की जगह 10 एमवीए का ट्रांसफाॅर्मर लगाया जाना था। इसी कार्य के चलते शनिवार को करीब आठ घंटे की कटौती घोषित की गई थी। पावर ट्रांसफाॅर्मर स्थापित कर दिया गया लेकिन उसे चार्ज करने की प्रक्रिया के चलते आपूर्ति बहाल करने में समय लग गया। इस दौरान उपकेंद्र से जुड़े करीब 12 हजार घरों की बिजली बाधित रही। रात में वैकल्पिक व्यवस्था से आपूर्ति शुरू की गई।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि घोषित समय के बाद भी बिजली नहीं आने पर वे कारण जानने के लिए अभियंताओं को फोन करते रहे लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।