पूर्वोत्तर रेलवे में अब एलएचबी कोच में बिजली की सप्लाई इंजन से दी जाएगी। दो में से एक पावर कार हटेगी और यात्रियों को अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हो जाएंगी। यह संभव होने जा रहा है हेड ऑन जेनरेशन (एचओजी) तकनीक से। गोरखपुर की दस रेकों में इस तकनीक का प्रयोग किया जाएगा, अभी तीन ट्रेनों में प्रयोग के तौर पर लगाया गया है। जबकि अन्य ट्रेनों में लगाने की तैयारी है।
एलएचबी आधारित ट्रेनों में हेड ऑन जेनरेशन (एचओजी) प्रणाली रेल परिवहन के लिए एक नई पहल है। अभी गोरखपुर से चलने वाली शालीमार स्पेशल, गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी स्पेशल, गोरखपुर-यशवंतपुर स्पेशल में सभी कोच में बिजली की सप्लाई इसी तकनीक से ही की जा रही है। इससे रेलवे को डीजल के रूप में सालाना करोड़ों रुपये की बचत भी होगी। गोरखपुर होकर जाने वाली दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ट्रेन दुर्ग-नौतनवां स्पेशल में भी एचओजी तकनीक का इस्तेमाल किया जाने लगा है।
कोच में सीट लगेंगी, लगेज की भी व्यवस्था
कोच में आधे जगह पर सीटें लगाई जाएंगी और आधा कोच में लगेज रखने की व्यवस्था की जाएगी। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।