शुक्रवार को डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने सहजनवां, पिपरौली, पाली समेत आधा दर्जन ब्लॉकों का निरीक्षण कर नामांकन की तैयारियां जांची। नामांकन के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी नामांकन स्थल सीसीटीवी कैमरों की जद में रहेंगे।
बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात रहेंगे। साथ ही कोविड-19 प्रोटोकाल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। बिना मास्क किसी को भी नामांकन कक्ष में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। सैनिटाइजर और सोशल सोशल डिस्टेंसिंग का भी खास ख्याल रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नामांकन स्थल पर सिर्फ प्रत्याशी और प्रस्तावक ही जा सकेंगे
नामांकन स्थल तक सिर्फ प्रत्याशी और उनके प्रस्तावक जा सकेंगे। जुलूस और नारेबाजी पर प्रतिबंध रहेगा। प्रत्याशी सिर्फ नामांकन स्थल की सीमा के बाहर गाड़ी या जुलूस के साथ जा सकेंगे। गाड़ियों का लंबा काफिला रहा तो उसकी वीडियो रिकार्डिंग कराई जाएगी और काफिला संबंधित प्रत्याशी का ही है, इसकी पुष्टि होने पर उसका खर्च उनके चुनावी खर्च में जोड़ा जा सकता है।
- वार्ड संख्या 1 से 17 तक : न्यायालय अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 कक्ष कक्ष संख्सा 24
- वार्ड संख्या 18 से 34 तक : न्यायालय उप संचालक चकबंदी कक्ष संख्या 23
- वार्ड संख्या 35 से 51 तक न्यायालय अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व कक्ष संख्या 22
- वार्ड संख्या 52 से 68 तक कार्यालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कक्ष संख्या 21
आज से खर्चों पर जिला स्तरीय कमेटी रखेगी नजर
नामांकन के साथ ही संबंधित प्रत्याशियों के चुनावी खर्च पर जिला एवं तहसील स्तरीय कमेटी नजर रखनी शुरू कर देगी। आयोग की तरफ से व्यय प्रेक्षक भी तैनात किए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि सदस्य क्षेत्र पंचायत एवं सदस्य जिला पंचायत के निर्वाचन व्यय का लेखा-जोखा जिला स्तरीय कमेटी द्वारा तथा प्रधान के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में तहसील स्तरीय कमेटी द्वारा किया जाएगा। जिला स्तरीय कमेटी में जिला मजिस्ट्रेट अध्यक्ष, सीडीओ सदस्य तथा मुख्य कोषाधिकारी सदस्य/सचिव के रूप में नामित किए गए हैं। प्रत्याशियों द्वारा नामांकन दाखिल करने की तिथि से निर्वाचन की घोषणा तक प्रतिदिन विभिन्न मदों में जो व्यय किया जाएगा उसका लेखा जोखा तैयार होगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अधिकतम खर्च की सीमा तय की जा चुकी है। जिला पंचायत अध्यक्ष सर्वाधिक 4 लाख, ब्लॉक प्रमुख दो लाख, जिला पंचायत सदस्य डेढ़ लाख तो क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान 75-75 हजार रुपये खर्च कर सकेंगे। इसी तरह ग्राम पंचायत सदस्य 10 हजार रुपये तक खर्च कर सकेंगे। चुनाव संपन्न होने के तीन महीने के भीतर सभी को चुनाव खर्च का ब्योरा देना होगा। निगरानी के लिए व्यय प्रेक्षक भी तैनात किए जाएंगे।
चुनाव संबंधी खर्च के लिए खोलना होगा अलग बैंक खाता
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव से संबंधित खर्च के लिए संबंधित प्रत्याशी को अलग से एक खाता खोलना पड़ेगा, जिसकी सूचना रिटर्निंग आफिसर के साथ जिला एवं तहसील कमेटी को देनी होगी। ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के लिए बैंक खाता नहीं खोलना पड़ेगा। प्रशासन द्वारा ही सभी प्रत्याशियों को निर्वाचन व्यय रजिस्टर मुहैया कराया जाएगा।
यही नहीं प्रत्याशियों द्वारा विभिन्न मदों में जो धनराशि खर्च की जाएगी उन मदों की दरों का निर्धारण भी जिला एवं तहसील स्तरीय कमेटी करेगी। चुनाव समाप्त होने के तीन महीने के भीतर सभी प्रत्याशियों को निर्वाचन से संबंधित व्यय लेखा रजिस्टर, खर्च के बाउचर समेत कमेटी के पास जमा करना होगा। परीक्षण में यदि किसी द्वारा निर्धारित अधिकतम व्यय सीमा से अधिक धनराशि खर्च किया जाना पाया गया तो तो उसकी जमानत धनराशि जब्त कर ली जाएगी।
डीएम के. विजयेंद्र पाण्डियन ने कहा कि जमानत धनराशि के लिए बैंक से ट्रेजरी चालान बनवाने में आ रही दिक्कत को देखते हुए सभी ब्लॉकों पर चालान पर्ची 385 भेज दी गई है। बैंक में यदि दिक्कत आ रही है तो ब्लॉक पर नकद धनराशि जमा कर इसे प्राप्त किया जा सकता है। इस पर्ची को नामांकन दाखिल करते समय ट्रेजरी चालान की जगह प्रस्तुत कर सकते हैं। ब्लॉक पर कोई परेशान करे तो इसकी शिकायत की जा सकती है। कार्रवाई होगी।