तीन दिनों से डाक विभाग चिट्ठी के साथ ही रुपये भी बांट रहा है। बैंकों में लगने वाली भीड़ कम कर सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के उद्देश्य से कमिश्नर जयंत नार्लिकर और डीएम के. विजयेंद्र पांडियन के निर्देश पर मंगलवार से डाक विभाग द्वारा पंचायतों में माइक्रो बैंकिंग सेवाएं संचालित की जा रही हैं।
तीन दिन में मंडल के 968 डाकियों ने 3221 लोगों के खाते से 56.77 लाख रुपये निकालकर उनके हाथ में सौंपे। केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा मनरेगा श्रमिकों की लंबित मजदूरी, निराश्रित, वृद्धा पेशन, विकलांग पेंशन, जनधन खातों एवं उज्ज्वला योजना और पीएम किसान योजना के लाभार्थियों समेत कई अन्य के खातों में धनराशि भेजी है।
लॉकडाउन के बीच इस धनराशि को निकालने के लिए बैकों में भीड़ उमड़ रही थी। जिसके बाद मण्डल में डाक विभाग और पंचायती राज विभाग की मदद से माइक्रो बैंकिंग सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इसके लिए ग्राम पंचायतों से ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव का भी सहयोग लिया जा रहा है। लोगों को यह सलाह दी जा रही है कि वे धन की निकासी के लिए बैंक न जाएं बल्कि अपनी बारी का इंतजार अपने घर पर ही बैठ कर करें।