गोरखपुर। सांसद रवि किशन की पहल पर जिले के दो ब्लॉकों पाली व सहजनवां में पशुओं के इलाज के लिए पॉली क्लीनिक खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। पाॅली क्लीनिक में पांच विशेषज्ञ डॉक्टर हाेंगे। छोटे पशु अस्पतालों में पशुओं के जिन रोगों का इलाज नहीं हो पाएगा, उन्हें यहां भेजा जाएगा। कई अन्य ब्लॉकों में भी ऐसा सेंटर खोजने के लिए जमीन की तलाश हो रही है।
सांसद ने प्रदेश सरकार से हर तहसील में एक पॉली क्लीनिक खोलने की मांग की है। उनके पत्र का संज्ञान लेते हुए निदेशक पशु चिकित्सा ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से रिपोर्ट मांगकर पूछा है कि किन-किन तहसीलों में पॉली क्लीनिक के लिए जमीन उपलब्ध है। सीवीओ ने भेजी रिपोर्ट में कहा है कि सहजनवां और कैंपियरगंज ब्लाॅक में जमीन उपलब्ध है। अन्य तहसीलों में जमीन तलाश की जाएगी।
वर्तमान में जिले में 54 पशु चिकित्सालय संचालित हो रहे हैं। सात से आठ पशु चिकित्सालय हर तहसील में हैं। एक पॉली क्लीनिक सदर तहसील में है। इतने पशु चिकित्सालयों के बाद भी पशुओं का बेहतर इलाज नहीं हो पा रहा है। पशु चिकित्सालय में एक डॉक्टर और अन्य स्टाफ होता है, जबकि पॉली क्लीनिक में पांच विशेषज्ञ पशु चिकित्सक होते हैं। इसके अलावा वहां पर एक रीजनल डायग्नोस्टिक सेंटर भी रहता है। जहां जरूरत पड़ने पर जांच की जाती है।
कोट-
निदेशक पशुपालन ने हर तहसील में पॉली क्लीनिक के लिए जमीन के संबंध में जानकारी मांगी है। अभी दो तहसीलों सहजनवां और कैंपियरगंज का का प्रस्ताव भेजा गया है। अन्य तहसीलों में जमीन की तलाश की जाएगी।
-गिरेंद्र कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी