उनका कहना था कि अल्पसंख्यक वर्ग के नेता के पैसे का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है। विवाद होने पर मौजूद लोगों ने बीचबचाव कर मामले को शांत करा दिया। आरोप है कि सतीश भी घर चला गया। लेकिन मनीष पक्ष के लोग सतीश के घर पर पहुंच गए और उसे गाली देने लगे। मना करने पर आरोपियों ने सतीश गिरी की पिटाई शुरू कर दी।
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बचाव में पिता राधेश्याम आए तो उनकी भी पिटाई कर दी। मारपीट होती देख आसपास के लोग एकत्र हो गए और दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इसमें मनीष पक्ष के रंजित गौड़ को भी चोट आई है। घायल पिता-पुत्र को अस्पताल पहुंचाया गया तो वहां पर भी भीड़ एकत्र हो गई।
घटना की सूचना पर एसपी नार्थ मनोज अवस्थी भी फोर्स के साथ पहुंच गए थे। अस्पताल में विवाद न होने पाए इसी वजह से रंजित को दूसरे अस्पताल भेजा गया।
बैनर तो बहाना, चुनावी रंजिश असल वजह
घटना के बाद से ही गांव में एक चर्चा आम हो गई है कि यह विवाद बैनर के बहाने भले ही हुआ है, लेकिन इसकी असल वजह चुनावी रंजिश है। किसी भी चुनाव में सतीश और मनीष अलग-अलग रहते हैं। यही वजह है कि मनीष ने अल्पसंख्यक वर्ग के नेता का बैनर लगाया तो सतीश ने इसका विरोध किया और इसी बहाने से मारपीट शुरू हो गई। पुलिस भी रंजिश के एंगल पर जांच कर रही है।
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एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि आपसी विवाद में मारपीट की घटना हुई है। मारपीट में चोटिल लोगों को अस्पताल भेजा गया। गांव में एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।