- गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने की।
- गांव में किसी के द्वारा कोई आपराधिक कृत्य करने की।
- मादक पदार्थों के आवाजाही की।
- देश विरोधी गतिविधि में किसी के भी संलिप्तता की।
जिलों में गठित की गई हैं समितियां
अभियान के पहले चरण में ग्राम सुरक्षा समितियां गठित की गई थी। इसके तहत महराजगंज में 219, सिद्धार्थनगर में 443, बलरामपुर में 24, श्रावस्ती में 115, बहराइच में 85, खीरी में 77, पीलीभीत में 17 समितियां गठित हो चुकी हैं।
पगडंडियों पर बढ़ाई गई गश्त
पगडंडी के रास्ते भारत में आने और यहां से जाने वालों पर एसएसबी, खुफिया एजेंसियों के अलावा स्थानीय पुलिस भी नजर रख रही है। एडीजी के निर्देश पर नेपाल सीमा से सटे थानों की पुलिस अपने क्षेत्र में एसएसबी के साथ पेट्रोलिंग कर रही है। जिसकी रोजाना रिपोर्ट बनती है।
एडीजी गोरखपुर जोन अखिल कुमार ने कहा कि सीमावर्ती जिलों के एसपी के साथ बैठक कर रणनीति बना ली गई है। इसके तहत काम भी शुरू कर दिया गया है। गांवों वालों से पुलिस लगातार संपर्क में रहकर घुसपैठ, अपराध रोकने पर प्रभावी कार्रवाई करेगी।