14 अक्तूबर 2022: तारामंडल निवासी अभिजीत सिंह अपने बेटे को स्कूल से लेकर उसका ड्रेस लेने गोलघर जलकल भवन के पास गए थे। बेटे के पेट में दर्द होने की वजह से उसे कार में ही छोड़ दिए और दुकान में चले गए। कार सफेद लाइन के अंदर थी, इस वजह से निश्चिंत थे, लेकिन कुछ ही देर में क्रेन ने कार को उठा लिया। बच्चा चीखने लगा, अभिजीत पीछे दौड़े, लेकिन क्रेन वाले ने एक न सुनी और कार लेकर यार्ड पहुंच गया। बाद में हंगामे के बाद कार मिली और चालक पर कार्रवाई की गई थी।
केस दो
11 अप्रैल 2022: बांसगांव के कनईचा निवासी व डिग्री के प्रवक्ता सुधांशु राय कार में बैठे थे। इसी दौरान क्रेन ने कार को उठा लिया और यार्ड में पहुंचा दिया। वह उस दिन गोरखपुर विश्वविद्यालय किसी काम से गए थे। उन्हें भूख लगी थी तो गोलघर स्थित एक दुकान पर कुछ खाने लगे। तभी नगर निगम की वाहन उठाने वाली गाड़ी आई। जैसे ही वो गाड़ी में जाकर बैठे गाड़ी को उठा लिया गया। प्रवक्ता के बार-बार निवेदन करने के बाद भी उन्हें कार से उतरने तक का मौका नहीं दिया गया।
रोजाना 20 से 25 गाड़ियों को उठा लिया जाता था। उसमें से कुछ से ही जुर्माना वसूला जाता था, बाकी से तो वसूली की जाती थी। वसूली की रकम गाड़ी के नंबर के आधार पर तय की जाती थी। जिले के बाहर का नंबर होने पर अधिक रुपये की मांग की जाती थी और अगर नंबर गैर प्रांत का हुआ तो दो हजार तक वसूली की जाती थी। मामला बढ़ने के बाद जब जांच हुई तो तो पूरा खेल खुलकर सामने आ गया।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि वाहनों को क्रेन से उठाने के मामले में कई शिकायतें मिली थीं। नगर निगम के अफसरों को मामले की जानकारी दी गई तो उन्होंने इस व्यवस्था को बंद करना दिया है। नियम तोड़ने वाले वाहनों को अब व्हील क्लैंप लगाकर मौके पर लॉक कर दिया जाएगा और जुर्माना लिया जाएगा। लोगों से अपील है कि वह वाहनों को पार्किंग में खड़ा करें।
नगर निगम से अनुबंध की समय सीमा खत्म होने की वजह से क्रेन को खड़ा किया गया है। जल्द ही नगर निगम से प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- विभूमि द्विवेदी, प्रोपराइटर, ट्रिनिटी सर्विसेज