शादी का दबाव बनाने पर कोई ना कोई बहाना बना कर टाल जाता था। कई बार कहने के बाद 18 जनवरी को जटाशंकर स्थित काली मंदिर में शादी की। 20 जनवरी को तहसील में विवाह का रजिस्ट्रेशन कराया।
महिला ने तहरीर में लिखा है कि घर ले जाने के बाद दो महीने सब ठीक रहा। उसके बाद पति, सास-ससुर और भसुर ने 15 मार्च को मारपीट कर घर से निकाल दिया और बोले कि तुम छोटी जाति की हो और दहेज भी नहीं लाई हो। पति शशांक ने किसी दूसरी लड़की से शादी कर ली है। शनिवार की शाम पुलिस ने दहेज उत्पीड़न समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।