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रिटायर्ड दरोगा से लूट: 'बोला था गोरखपुर में CCTV कैमरे हैं...' साथी न माना और दबोचे गए, पुलिस से बदमाश ने कहा

Sun, 11 Jun 2023 01:31 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गोरखपुर में रिटायर्ड दरोगा से रुपये लूटने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने नायब तहसीलदार के किराए के चालक ने साथियों संग लूट की वारदात की थी। पुलिस ने उनके पास से नकदी और तमंचा बरामद किया है। 
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लूट की घटना का खुलासा करते एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई व अन्य पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रिटायर्ड दरोगा सुरेश यादव को मजिस्ट्रेट लिखी बोलेरो में मदद के बहाने बैठाकर 28 हजार रुपये लूटने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 30 से अधिक सीसी टीवी कैमरों की मदद ली और घटना का पर्दाफाश किया। बदमाशों के पास से लूटे गए 20 हजार रुपये, घटना में इस्तेमाल बोलेरो व तमंचा बरामद कर लिया गया है। 
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पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। पुलिस को पूछताछ में एक बदमाश ने बताया कि, मैंने अपने साथी से कहा था कि गोरखपुर में वारदात मत करो, वहां पर सीसीटीवी कैमरे हैं। लेकिन, वह नहीं माना और आज पकड़े गए।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुशीनगर जिले के रविंद्र नगर थाना क्षेत्र के धरमपुर बुजुर्ग निवासी अरुण कुमार सिंह, कसया थाना क्षेत्र के अहिरौली निवासी असलम और इसी गांव के सकलैन के रूप में हुई है। 
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एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई व सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि छह जून की सुबह 10 बजे झंगहा के मोतीराम अड्डा निवासी रिटायर्ड दरोगा सुरेश यादव एसबीआई से पेंशन निकालने गए थे। 28 हजार रुपये निकालने के बाद घर आते समय मजिस्ट्रेट लिखे बोलेरो से जा रहे कुछ लोगों ने नमस्कार करते हुए रोक लिया। फिर घर छोड़ने का झांसा देकर बोलेरो में बैठा लिया।
 

फोरलेन पर चढ़ने के बाद सुरेश को तमंचा सटाकर उनके पास रखे रुपये लूट लिए और फिर गाड़ी से उतारकर फरार हो गए। केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। सीसी टीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने शनिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 

 

जबकि, एक अन्य फरार आरोपी का नाम धर्मेंद्र बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगी है। एसपी ने बताया कि अरुण कुमार सिंह बोलेरो चालक है और वह हाटा के नायब तहसीलदार का गाड़ी किराए पर चलाता है, इस वजह से गाड़ी पर मजिस्ट्रेट लिखा था।

मजिस्ट्रेट लिखे होने की वजह से झांसा में आए थे सुरेश
सुरेश यादव ने बताया कि बोलेरो पर मजिस्ट्रेट लिखे होने और बदमाशों के नमस्कार करने के बाद वह रुक गए और फिर बदमाशों के झांसे में आकर बोलेरो में बैठ गए थे। इसके बाद बदमाशों ने रास्ते में वारदात को अंजाम दिया।
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शातिर बदमाश सकलैन पर दर्ज हैं 12 मुकदमे
पकड़े गए सभी बदमाश पहले भी जेल जा चुके हैं। इसमें सबसे शातिर सकलैन है। इस पर 12 मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा अरुण कुमार सिंह पर हत्या की कोशिश समेत दो, असलम पर चार मुकदमे देवरिया में दर्ज हैं। असलम ने अपने साथियों से गोरखपुर में सीसी टीवी कैमरे होने की वजह से वारदात न करने की बात कही थी।
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