बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज में फर्जी तरीके से नामांकन कराने के आरोपी संदिग्ध छात्र-छात्राओं के बारे में पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है। नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य की तहरीर के आधार पर छानबीन चल रही है। पुलिस इस बात की तह में जाना चाहती है कि यह अनजाने में हुई गलती है या इसके पीछे भी कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज होगा।
बीएससी नर्सिंग में प्रवेश ले चुके दो छात्रों व एक छात्रा की ऑनलाइन अटेंडेंस के दौरान चेहरा मैच नहीं होने का मामला सामने आने पर अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ की तरफ से जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया यह जानकारी मिली कि इनके प्रवेश आवेदन पत्र पर जो फोटो है, वह वर्तमान चेहरे से मैच नहीं कर रहा है। मामला सामने आते ही एक छात्र लापता हो गया। शेष बचे एक छात्र व एक छात्रा भी दो दिन बाद अपना पक्ष रखने की बात कहते हुए कॉलेज से खिसक लिए।
आशंका है कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा के दौरान एडमिट कार्ड, सी-सेट फॉर्म व काउंसिलिंग फॉर्म में गड़बड़ी के जरिए किसी और को प्रवेश परीक्षा दिलाकर पास कराया गया और फिर दूसरे छात्र-छात्रा का नामांकन करा दिया गया। हालांकि, ऑनलाइन अटेंडेंस में मशीन ने यह गड़बड़ी पकड़ ली।
नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अल्का सक्सेना ने बताया कि संदिग्ध छात्र-छात्राओं को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन अभी वे सामने नहीं आए हैं। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या किसी गलती से ऐसा हो गया है या फिर इन तीनों का दाखिला किसी रैकेट के जरिए हुआ है।