अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जाली नोट बनाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को लेकर पुलिस जांच में बड़ी जानकारी सामने आई है।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने नकली नोट बनाने की तकनीक न केवल यूट्यूब वीडियो से सीखी थी बल्कि बिहार के एक नेटवर्क से भी इसकी ट्रेनिंग ली थी। आरोपी प्रिंटिंग प्रेस की आड़ में लंबे समय से यह अवैध धंधा चला रहे थे और तैयार नोटों को बाजार में असली नोटों के साथ मिलाकर खपाते थे।
पुलिस के अनुसार, बकरीद के मद्देनजर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सरस्वतीपुरम कॉलोनी, पादरी बाजार में एक बंद दुकान के भीतर नकली नोट तैयार किए जा रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने दबिश देकर मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में करन सिंह, मोहित कुमार, विशाल शर्मा, आशीष शर्मा और आकाश सिंह शामिल हैं। तलाशी के दौरान इनके पास से 500 और 100 रुपये के नकली नोट, विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन और भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण भी मिले, जिनमें दो प्रिंटर, कंप्यूटर सेट, सीपीयू, मॉनिटर, कीबोर्ड, इंक के डिब्बे और ए4 साइज पेपर शामिल हैं।