कोतवाली पुलिस की ओर से पकड़े गए आरोपियों की पहचान उन्नाव जिले के कोतवाली इलाके के सिविल लाइंस निवासी रवि सिंह उर्फ रामदास, चित्रकूट जिले के सरधुआ इलाके के सरधुआ निवासी ऋतुराज यादव, देवरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के गरूलपार निवासी दिव्यांशु सिंह उर्फ साहिल सिंह, गोरखनाथ इलाके के हुमायूंपुर उत्तरी निवासी अनुज विश्वकर्मा उर्फ शुभम विश्वकर्मा, राजघाट थाना क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी ओमकार अग्रहरि उर्फ अजीत, गगहा इलाके के कईधाखुर्द के राहुल सिंह, गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुंमायूपुर उत्तरी निवासी आदित्य चौधरी उर्फ सौरभ चौधरी के रूप में हुई।
दिव्यांशु वर्तमान में रामगढ़ताल इलाके के इंदिरानगर और रामदास लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के कंचना बिहारी मार्ग कल्याणपुर में रहता था। पुलिस की जांच में दोनों गिरोह के पास से करीब 50 म्यूल खाते मिले हैं। इनके जरिये साइबर ठगी के करोड़ों रुपये ठिकाने लगाए गए थे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ओमकार अग्रहरि उर्फ अजीत और ऋतुराज यादव के कहने पर अन्य आरोपी लोगों को सरकारी योजनाओं का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। जांच में पता चला कि आरोपियों ने कई लोगों के खाते खुलवाकर उसके जरिये करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन किए थे। खाते की डिटेल लेकर ''जॉन बाबा'' नाम का व्यक्ति साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाता था।
खाता खुलवाने के बाद पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक लेकर ऋतुराज यादव को दे दिया जाता था। उसके बाद ऋतुराज बैंक खातों की डिटेल्स रामदास और जॉन बाबा नाम के किसी अज्ञात व्यक्ति को देता था। जॉन बाबा ही फ्रॉड का पैसा उन म्यूल बैंक खातों में भेजता और निकालता था।
सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि गिरोह के गुर्गों ने जो खाते खुलवाए थे, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही सरगना को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।