- कैंट, खजनी, बांसगांव और गोला सर्किल में एक भी विवाद का नहीं हो सका समाधान
- जमीन-जायदाद से जुड़े सबसे अधिक मामले पहुंचे, कई चौपालों में राजस्व विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे
गोरखपुर। छोटे-बड़े विवादों को थाने और न्यायालय तक पहुंचने से पहले गांव और मोहल्ले के स्तर पर सुलझाने के लिए पुलिस की ओर से चौपाल लगाई जा रही है। जिले में पुलिस ने कुल 216 चौपालों का आयोजन किया लेकिन इनमें पहुंचे विवादों के निस्तारण की रफ्तार काफी धीमी रही। महज 21 विवादों का समाधान हो सका जबकि 195 मामलों का निस्तारण नहीं हो पाया। कैंट, खजनी, बांसगांव और गोला सर्किल में आयोजित चौपालों में एक भी विवाद का समाधान नहीं हो सका।
चौपालों में सबसे अधिक मामले जमीन-जायदाद से संबंधित पहुंचे। इनमें जमीन पर कब्जा, रास्ते, सीमांकन, पैमाइश और हिस्सेदारी को लेकर विवाद शामिल रहे। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनने और आपसी सहमति से विवाद खत्म कराने का प्रयास किया। हालांकि, राजस्व से जुड़े मामलों में पुलिस के प्रयास पर्याप्त साबित नहीं हुए।
दरअसल, जमीन संबंधी अधिकांश मामलों में पैमाइश, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों की जांच की जरूरत होती है। ऐसे मामलों के निस्तारण में राजस्व विभाग की भूमिका अहम है। लेकिन कई चौपालों में राजस्व विभाग के अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचे जिससे जमीन से जुड़े विवादों का मौके पर समाधान नहीं हो सका। फरियादियों को संबंधित विभाग में कार्रवाई के लिए भेजना पड़ा। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ का कहना है कि चौपालों का उद्देश्य विवादों को शुरुआती स्तर पर ही खत्म करना है ताकि छोटे विवाद आगे चलकर गंभीर घटना का रूप न लें। जिन मामलों में दूसरे विभागों की जरूरत है उनमें संबंधित विभाग से समन्वय कर निस्तारण कराने का प्रयास किया जाएगा।
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