नगर निगम के अधिकारी नौसड़ पहुंचे और वहां के लोगों से बातचीत की। उन्हें आश्वस्त किया कि कूड़ा गिराने के बाद तत्काल उसे मिट्टी से ढंक दिया जाएगा। साथ ही इस पर मैलाथियान का छिड़काव भी करेंगे। इसके बाद लोगों ने कूड़ा गिराने पर सहमति दी। हालांकि कई लोग वहां कूड़ा गिराए जाने का विरोध भी करते दिखे। वहां मौजूद पुलिस और नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम ने उन्हें वहां से हटा दिया। इस दौरान अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा, संयुक्त नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, अशोक सिंह, महेश चंद्र यादव, राम विजय पाल, एसएस गुप्ता, विंध्याचल, शक्ति मिश्र आदि मौजूद रहे।
अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा ने बताया कि लोगों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया गया है कि उन्हें कूड़ा गिराए जाने की वजह से परेशानी नहीं होगी। कूड़े पर रोजाना मिट्टी गिराएंगे और मैलाथियान का छिड़काव भी किया जाएगा।
नौसड़ पार्षद रीता देवी ने बताया कि तकरीबन डेढ़ साल पहले नौसड़ वार्ड के नागरिकों ने एकला बांध पर कूड़ा गिराने का विरोध करते हुए धरना देना भी शुरू किया था। तब नगर निगम प्रशासन ने चार महीने की मोहलत मांगी थी। आश्वासन दिया था कि चार महीने में कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन की व्यवस्था कर लेंगे। लेकिन अब तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी।
एकलव्य निषाद ने बताया कि हर बार नगर निगम द्वारा कूड़े को मिट्टी से ढंकने और मैलाथियान पाउडर छिड़कने की बात कही जाती है। लेकिन कुछ दिन के बाद इसे बंद कर दिया जाता है। दुर्गंध से रहना मुश्किल हो जाता है।
पन्ने लाल ने बताया कि कई बार मरे जानवरों को भी बांध पर फेंक दिया जाता है। सड़न से उठती बदबू से यहां के लोग काफी परेशान हो जाते हैं। यदि कूड़े में आग लग जाती है तो नौसड़ वार्ड के कई घरों में धुआं भर जाता है।