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होम आइसोलेट कोरोना मरीजों को नहीं मिल रही दवा, कागजों में हो रहा इलाज

Sun, 20 Sep 2020 08:36 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • विभाग की ओर से मिलनी है एक सप्ताह की दवा  
  • मरीजों के साथ-साथ परिजन भी हो रहे परेशान
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Home isolation - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में होम आइसोलेट कोरोना संक्रमित मरीजों को विभाग की ओर से दवा नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह से मरीज और उनके परिजन परेशान हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत तो उन मरीजों को हो रही है, जिनके घरों में पूरा-पूरा परिवार संक्रमित हो जा रहा है। जबकि विभाग का दावा था कि मेडिकल किट होम आइसोलेट मरीजों को पहुंचाया जाएगा।

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इसमें एक सप्ताह की दवा देने की बात कही गई थी। लेकिन यह दावे केवल कागजों में सिमट कर रह गए हैं। शहर से लेकर गांव तक ऐसे सैकड़ों मरीज है, जिन्हें विभाग की ओर से दवा नहीं मिली है। ये केस इस बात की पुष्टि भी कर रहे हैं।

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य का ख्याल रखना ही प्राथमिकता है। हर परिवार तक टीम पहुंच रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिलने वाली सुविधाएं हर मरीज को उपलब्ध कराई जा रही है।  

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नहीं मिली कोई दवा, खरीदकर खाया

साहबगंज के रहने वाले एक परिवार के चार लोग कोरोना संक्रमित हो गए। कई बार कंट्रोल रूम पर फोन करके मेडिकल किट की मांग की। लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। मजबूरी में किसी तरह अपने रिश्तेदारों और परिचितों से दवा मंगाई। दवा खाने के बाद परिवार के सभी लोग ठीक हो गए। ठीक होने के बाद विभाग ने दवा के लिए फोन किया।

ठीक होने के बाद दवा के लिए आया कॉल
सर्वोदय नगर बिछिया कॉलोनी के रहने वाले एक बैंक मैनेजर कोरोना पॉजिटिव मिले। कंट्रोल रूप से फोन पर स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी गई और बताया गया कि क्षेत्र की आशा मेडिकल किट लेकर जाएंगी। इसके बाद वह दो दिनों तक इंतजार करते रहे। अंत में थकहार कर किसी तरह दवा मंगाकर खाया। 14वें दिन ठीक होने के बाद दवा के लिए कॉल गया।
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