भटहट स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। मेडिकल कॉलेज में पंजीकरण संख्या (2020/098/0053620) की पर्ची बनी, फिर युवती को इमरजेंसी में ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भेजा गया। इलाज के बाद उसे आशा ज्योति केंद्र लाया गया था, मगर फिर श्यामदेउरवा पुलिस ने युवती के पिता को लोकलज्जा की बात समझा दी और वह बेटी को लेकर घर चला गया।
पुलिस ने पिता से यह लिखवाकर ले लिया कि मीडिया उसे बदनाम करने को खबर प्रकाशित कर रही है, घटना हुई ही नहीं है। अमर उजाला का यह दावा नहीं कि सामूहिक दुष्कर्म हुआ ही है, मगर यह जरूर कहना है कि कुछ ऐसा हुआ है, जिसकी तफ्तीश करके दूध का दूध, पानी का पानी करना चाहिए। उसके लिए मामला दर्ज करके तफ्तीश तो करनी ही चाहिए।
अमर उजाला की इस भावना को एडीजी जोन दावा शेरपा ने समझा। एडीजी ने गंभीर मामले में पुलिस की लापरवाही पर सख्त नाराजगी जाहिर की और केस दर्ज करके प्रभावी कार्रवाई का आदेश दिया। इसी का नतीजा रहा कि जो महराजगंज पुलिस पूरी घटना से इंकार कर रही थी, वह एक्शन में आ गई। ताबड़तोड़ मुकदमा हुआ और इंस्पेक्टर ने छानबीन भी शुरू कर दी। पुलिस ने कहा कि एडीजी के आदेश पर अगवा कर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। युवती का मेडिकल कराके जल्द ही आरोपितों को जेल भेजा जाएगा।
श्यामदेउरवा थानेदार विजय राज सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी होने पर दरोगा की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है, जल्द ही पूरे मामला का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।