उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की 31 लाख आबादी की सुरक्षा 2372 पुलिसकर्मियों के भरोसे है। पद के सापेक्ष सुरक्षाकर्मियों की कमी से विभाग जूझ रहा है। ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पद के सापेक्ष 571 पुलिसकर्मियों की कमी है, जिससे अपराध रोक पाने के मकसद में पुलिस कामयाब नहीं हो पा रही है।
जनपद में करीब 450644 आवासीय मकान हैं, जिसमें लगभग 3100946 लोग रहते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए एसपी सहित 2372 पुलिसकर्मी तैनात हैं। पद के सापेक्ष पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं है, यहां 178 एसआई, 85 हेड कांस्टेबल, 308 कांस्टेबल की कमी है।
गौरतलब है कि जिले में महिला थाना समेत 19 थाने हैं। किसी भी थाने में मानक के अनुरूप सब इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल की तैनाती नहीं है, जिससे छोटी-छोटी घटनाओं को पुलिस नजरंदाज कर देती है, वहीं ये घटना बाद में बड़ी वारदात का रूप ले लेती है। जनपद में 351 उप निरीक्षक के पद सृजित हैं, जिसके सापेक्ष मात्र 173 की तैनाती है। इसी तरह हेड कांस्टेबल के 367 की जगह 282 तैनात हैं।
इसके अलावा 2200 कांस्टेबल के सापेक्ष 1892 की ही तैनाती गई है। ऐसे में छोटे मामलों में विवेचना भी सब इंस्पेक्टर को ही करनी पड़ती है। इससे विवेचना के निस्तारण में देरी होती है। इसके साथ ही सुरक्षाकर्मियों पर काम का दबाव रहता है। इसका असर कानून व्यवस्था पर पड़ता है और लाख कोशिश के बावजूद अपराध नियंत्रण में बौनी साबित होती है। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की कमी को दूर करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। इसके साथ ही और सुरक्षाकर्मियों की भी मांग की गई है। (संवाद)
एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि नए मानक के निर्धारण में फोर्स की कमी है। भर्तियां हो रही हैं, निकट भविष्य में कमी दूर हो जाएगी।