- फर्जी दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट बनवाने और विदेश भाग चुके आरोपियों तक पहुंचने में जुटी पुलिस
गोरखपुर। गोरखनाथ क्षेत्र के फर्जी पते पर अपराधियों के पासपोर्ट बनवाकर विदेश भेजने वाले गिरोह की जांच अब अंतरराज्यीय स्तर पर पहुंच गई है। सिपाही शशिकांत यादव की गिरफ्तारी के बाद गोरखनाथ पुलिस के साथ दिल्ली और पंजाब पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसियां अब फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने वाले और विदेश भाग चुके आरोपियों तक पहुंचने में जुटी हैं।
जांच में सामने आया है कि गोरखनाथ थाने में तैनाती के दौरान सिपाही शशिकांत यादव ने सत्यापन प्रक्रिया में अनियमितता करते हुए 12 फर्जी पासपोर्ट बनवाने में भूमिका निभाई। इनमें तीन पासपोर्ट पंजाब के कुख्यात गैंगस्टरों के नाम पर बनाए गए थे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह केवल स्थानीय स्तर पर किया गया फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैले संगठित नेटवर्क का हिस्सा है।
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गैंगस्टर हरसिमरन सिंह उर्फ बादल से जुड़े मुकदमे में शशिकांत यादव की भूमिका के साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए गोरखपुर पुलिस से विवेचना, गिरफ्तारी और पासपोर्ट सत्यापन से जुड़े अभिलेख मांगे गए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद दिल्ली पुलिस भी अपने मुकदमे में शशिकांत यादव को आरोपी बनाएगी।
उधर, गोरखनाथ पुलिस उन लोगों का भी ब्योरा जुटा रही है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाए और बाद में विदेश चले गए या फरार हो गए। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ और दस्तावेजों के विश्लेषण से गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का भी पर्दाफाश हो सकता है।