- जिला अस्पताल में चार निमोनिया, 16 डायरिया की चपेट में, चार बच्चे तेज बुखार से पीड़ित
- एम्स की ओपीडी में मौसम बदलने के बाद बढ़ी मरीजों की संख्या
गोरखपुर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब बच्चों की सेहत पर दिखने लगा है। बच्चों के बीच निमोनिया, डायरिया और वायरल बुखार के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। एम्स के बाल रोग ओपीडी में पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल में वर्तमान समय में 24 बच्चे विभिन्न बीमारियों के चलते भर्ती हैं।
डॉ. बीके सुमन ने बताया कि भर्ती बच्चों में चार बच्चे निमोनिया, 16 डायरिया व चार तेज बुखार से पीड़ित हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव, उमस और दूषित खानपान के कारण बच्चों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण वे इन बीमारियों की चपेट में जल्दी आ जाते हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जय कुमार ने बताया कि डायरिया होने पर बच्चों के शरीर में पानी की कमी तेजी से होने लगती है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। वहीं निमोनिया में बच्चों को सांस लेने में परेशानी, तेज बुखार व लगातार खांसी की शिकायत हो सकती है। समय पर उपचार न मिलने पर स्थिति गंभीर भी हो सकती है। बच्चे को तेज बुखार, लगातार दस्त, उल्टी, खांसी या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।
बचाव कैसे करें
- बच्चों को केवल स्वच्छ और उबला हुआ पानी पिलाएं।
- भोजन करने से पहले और शौच के बाद हाथ साबुन से धुलवाएं।
- बाहर का खुला और बासी भोजन खाने से बचाएं।
- डायरिया होने पर ओआरएस और पर्याप्त तरल पदार्थ दें।
- बच्चे को खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- मौसम के अनुसार बच्चों को उचित कपड़े पहनाएं।
- नियमित टीकाकरण समय पर कराएं।
- घर और आसपास की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।