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गोरखपुर: प्रधानमंत्री बसों को दिखा चुके हरी झंडी, चार्जिंग स्टेशन अब तक तैयार नहीं

Sat, 09 Oct 2021 02:46 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

छह अक्तूबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर के अलावा लखनऊ, कानपुर, झांसी, प्रयागराज, गाजियाबाद और वाराणसी नगर निगम क्षेत्रों में चलने वाली 75 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
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(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन के लिए हरी झंडी दिखा चुके हैं मगर यहां चार्जिंग स्टेशन ही अब तक तैयार नहीं हुआ है। इसके लिए कार्यदायी संस्था पीएमआई के काम की धीमी गति जिम्मेदार है। संस्था को 10 अक्तूबर तक काम पूरा करने के लिए चेतावनी दी गई है और इस संबंध में शासन को भी अवगत करा दिया गया है।

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छह अक्तूबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर के अलावा लखनऊ, कानपुर, झांसी, प्रयागराज, गाजियाबाद और वाराणसी नगर निगम क्षेत्रों में चलने वाली 75 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। हालांकि, पहले 25 सितंबर को ही इन बसों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा हरी झंडी दिखाने की योजना था लेकिन कार्यक्रम में संशोधन कर दिया गया।

ऐसे में प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों को बसों को चलाने की तैयारी के लिए 10 दिन का और समय मिल गया, लेकिन प्रधानमंत्री के द्वारा हरी झंडी दिखाने के बावजूद अभी तक गोरखपुर का इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन बन कर तैयार नहीं हो सका है।

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कार्यदायी संस्था की लेटलतीफी से फजीहत

पीएमआई बस चार्जिंग स्टेशन का निर्माण करा रही है। लेकिन यहां काफी काम अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य स्थल के अंदर और बाहर पाइप बिखरी हुई है। चार्जिंग के लिए केबल तक नहीं डाला गई है। संस्था इस माह के अंत में निर्माण कार्य पूरा करने की बात कर रही है। हालांकि, नगर निगम प्रशासन के द्वारा कंपनी को 10 अक्तूबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है।

नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि चार्जिंग स्टेशन बनाने वाली कंपनी पीएमआई के निर्माण कार्य की रफ्तार बहुत ही धीमी है। इस वजह से प्रधानमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बावजूद बसें नहीं आ पा रही हैं। कंपनी के उच्चाधिकारियों से भी इस संबंध में लगातार बात की जा रही है। साथ ही शासन को भी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और कंपनी को काम में तेजी लाने की हिदायत भी दी गई।

बस रूट की सड़कों को किया जा रहा है दुरुस्त
गोरखपुर शहर में तीन रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। लो-फ्लोर की बसें होने की वजह से सड़कें बिलकुल समतल होनी जरूरी हैं। हालांकि इन बसों के संचालन के लिए जो तीन रूट (1) मोहरीपुर से एयरपोर्ट, (2) बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एमएमएमयूटी और (3) महेसरा से नौसड़ निर्धारित हैं, वे अच्छी स्थिति में हैं। लेकिन जहां भी सड़कें खराब हैं, उन्हें बेहतर किया जा रहा है।
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