पीएमआई बस चार्जिंग स्टेशन का निर्माण करा रही है। लेकिन यहां काफी काम अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य स्थल के अंदर और बाहर पाइप बिखरी हुई है। चार्जिंग के लिए केबल तक नहीं डाला गई है। संस्था इस माह के अंत में निर्माण कार्य पूरा करने की बात कर रही है। हालांकि, नगर निगम प्रशासन के द्वारा कंपनी को 10 अक्तूबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि चार्जिंग स्टेशन बनाने वाली कंपनी पीएमआई के निर्माण कार्य की रफ्तार बहुत ही धीमी है। इस वजह से प्रधानमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बावजूद बसें नहीं आ पा रही हैं। कंपनी के उच्चाधिकारियों से भी इस संबंध में लगातार बात की जा रही है। साथ ही शासन को भी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और कंपनी को काम में तेजी लाने की हिदायत भी दी गई।
बस रूट की सड़कों को किया जा रहा है दुरुस्त
गोरखपुर शहर में तीन रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। लो-फ्लोर की बसें होने की वजह से सड़कें बिलकुल समतल होनी जरूरी हैं। हालांकि इन बसों के संचालन के लिए जो तीन रूट (1) मोहरीपुर से एयरपोर्ट, (2) बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एमएमएमयूटी और (3) महेसरा से नौसड़ निर्धारित हैं, वे अच्छी स्थिति में हैं। लेकिन जहां भी सड़कें खराब हैं, उन्हें बेहतर किया जा रहा है।