गोरखपुर। औद्योगिक विकास प्राधिकरण गीडा के उद्यमियों के जून के बिल में 20 हजार से लेकर दो लाख रुपये का झटका लगा है। सर्वाधिक झटका प्लास्टिक और केमिकल की यूनिटों को लगा है, जहां बिजली की खपत अधिक है। यह बिजली निगम ने फ्यूल चार्ज के नाम पर बिल में 10 फीसदी बढ़ोतरी के कारण हुआ है।
पिछले दिनों फ्यूल चार्ज के नाम पर 10 फीसदी की बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक दलों के साथ ही उद्यमियों की तरफ से विरोध हुआ था। जिसे लेकर जिम्मेदारों की तरफ से बढ़ोतरी को लेकर गोलमोल जवाब दिया जा रहा था। अब गीडा और इंडस्ट्रियल एरिया के 800 से अधिक उद्यमियों को 10 फीसदी बढ़ोतरी के साथ मिले बिल ने उनकी मुश्किलों को बढ़ा दिया है। गीडा के उद्यमियों के बिल में 20 हजार रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। गीडा में साफ्ट ड्रिंक और फूड की एक यूनिट का बिजली का बिल 17 से 19 लाख तक आता है। इस बार 1.80 लाख की बढ़ोतरी के साथ बिल आया है।
इसी तरह मोदी केमिकल को भी तीन लाख का अतिरिक्त बिल का झटका लगा है। गीडा में प्लास्टिक की तीन दर्जन से अधिक यूनिटें हैं। इन्हें एक से लेकर डेढ़ लाख रुपये का अतिरिक्त झटका लगा है। गीडा में ऑक्सीजन सिलिंडरलेंडर बनाने वाली फैक्ट्रियों को बड़ा झटका लगा है।
मोदी केमिकल के एमडी प्रवीण मोदी का कहना है कि फ्यूल चार्ज के साथ ही इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी भी बढ़ गई है। इस बार बिल में तीन लाख रुपये अतिरिक्त बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में बड़ी-बड़ी कंपनियों से गीडा में बैठकर प्रतियोगिता करना मुश्किल हो रहा है। सरकारी टेंडर पहले से ही हुए हैं। जिसमें पुराने रेट पर ही सप्लाई करनी पड़ रही है।